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विदिशा में कागपुर का तालाब पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित, बगुला, रामचिरैया और नीलकंठ जैसे पक्षियों को मिलेगा नया जीवन

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से करीब 32 किमी दूर स्थित ग्राम कागपुर के तालाब की पहचान अब सिर्फ पानी के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि पक्षियों के सुरक्षित...और पढ़ें

By Ajay JainEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 28 Aug 2026 04:10:51 PM (IST)Updated Date: Fri, 28 Aug 2026 04:10:51 PM (IST)
विदिशा में कागपुर का तालाब पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित, बगुला, रामचिरैया और नीलकंठ जैसे पक्षियों को मिलेगा नया जीवन
विदिशा में कागपुर का तालाब पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित (AI तस्वीर)

HighLights

  1. कागपुर तालाब बनेगा पक्षियों का नया ठिकाना
  2. 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र पक्षी संरक्षण घोषित
  3. नौ माह पहले सीएम ने की थी घोषणा

नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। जिले से करीब 32 किमी दूर स्थित ग्राम कागपुर के तालाब की पहचान अब सिर्फ पानी के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि पक्षियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में भी होगी। राज्य सरकार ने कागपुर तालाब और आसपास के 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को कागपुर पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित कर दिया है। इसके लिए मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई। इससे लंबे समय से पक्षियों की मौजूदगी के कारण पहचान बना चुके इस क्षेत्र को अब सरकारी स्तर पर संरक्षण मिलेगा।

दो नदियों के बीच है तालाब

कागपुर गांव में स्थित तालाब दो नदियों के बीच है। तालाब में सालभर पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। वन विभाग के शुरुआती सर्वे में यहां बड़ी संख्या में पक्षी पाए गए हैं। इनमें बगुला, ब्लैक आइबिस, रामचिरैया और नीलकंठ प्रमुख हैं। पक्षियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस की गई थी।


सरकार की अधिसूचना के बाद कागपुर तालाब के आसपास का निर्धारित क्षेत्र पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए सुरक्षित रहेगा। राजपत्र में इस क्षेत्र की सीमाएं भी तय की गई हैं। इसमें कागपुर गांव के खसरा नंबर 125 और 126 सहित आसपास की कुछ जमीन शामिल है। कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर यानी 53.5 हेक्टेयर है।

यह भी पढ़ें- भोपाल के बड़े तालाब से जलकुंभी हटाने में लापरवाही, मशीनों के इस्तेमाल से पक्षियों के घोंसले, कछुए-मछलियों पर संकट

नौ माह पहले सीएम ने की थी घोषणा, अब मिला सरकारी दर्जा

मालूम हो, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह कागपुर के ही रहने वाले है। पिछले साल 21 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हीं के आमंत्रण पर कागपुर गांव पहुंचे थे और उन्होंने कागपुर को पक्षियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी।

नौ माह नद अब सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर इस घोषणा को अमल में ला दिया है। इससे कागपुर तालाब क्षेत्र में पक्षियों को संरक्षण मिलने के साथ ही भविष्य में इसे देखने और प्रकृति से जुड़ने के लिए विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।