
अजय जैन, विदिशा: सड़क दुर्घटनाओं के बाद ''गोल्डन ऑवर'' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों की जान बचाना अब और भी आसान होगा। विदिशा पुलिस की ओर से तैयार कराया गया प्रदेश का पहला ''राहवीर मोबाइल ऐप'' शनिवार को शमशाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा लांच किया जाएगा। यह ऐप दुर्घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस, एम्बुलेंस और अस्पताल के बीच एक डिजिटल सेतु का काम करेगा। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया का सकेगा।
इस डिजिटल नवाचार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे तैयार करने में शासन पर कोई वित्तीय भार नहीं आया है। स्थानीय एसएटीआई संस्थान के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग करते इस एप्लिकेशन को तैयार किया है। उनका कहना है कि जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह ऐप मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इसमें जिले के हर कोने की जियोटैगिंग आधारित लोकेशन सर्विस मौजूद है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस ऐप साथ ही जिले में सपोर्ट वॉलंटियर यानी सहयोगी स्वयंसेवकों को भी तैयार किया गया है। उन्हें विशेष रूप से सीपीआर , प्राथमिक उपचार, और आकस्मिक सहायता का प्रशिक्षण दिया गया है। जैसे ही ऐप पर दुर्घटना की सूचना दर्ज होगी, लोकेशन के आधार पर नजदीकी वॉलंटियर तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को जीवनदान देने का प्रयास करेंगे।
राहवीर ऐप को आम जनता की सुरक्षा के लिए सात विशेष फीचर्स से लैस किया गया है:
हमारा मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के बाद होने वाली जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाना है। अक्सर देखा गया है कि दुर्घटना के शुरुआती 30 मिनट (गोल्डन ऑवर) में सही मदद न मिलने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने एसएटीआई के युवाओं की मदद से इस ऐप को तैयार किया है। इसमें 150 प्रशिक्षित ''ट्रामा सपोर्ट वॉलंटियर्स'' की फौज चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी, जो घायल को तत्काल प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने में मदद करेगी।
-रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।