
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशाा। फिल्म दृश्यम देखकर तैयार किया गया छलावा अपराधियों के काम नहीं आया। विवेचना ने अपराधियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया। अब न्यायालय ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और चार अन्य सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का यह चर्चित मामला दाम्पत्य जीवन में विश्वासभंग की भयावह परिणति का उदाहरण भी बन गया। 22 फरवरी 2023 को सौरभ जैन की हत्या पहले से बनाई गई साजिश के तहत की गई थी। पत्नी रिचा जैन ने अपने प्रेमी दीपेश भार्गव के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पहले घर में हत्या का प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों की मौजूदगी के कारण योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद भोपाल चलने का बहाना बनाकर सौरभ को रात में घर से बाहर ले जाया गया। रास्ते में सिरोंज के रोलपुरा चौराहे पर उसके अन्य साथी भी शामिल हो गए।
वहां से दूसरी कार में सभी सिरोंज-लटेरी मार्ग की ओर निकले। जंगल के कच्चे रास्ते पर पहुंचने के बाद सुपारी देकर बुलाए गए लखन जाटव और राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव ने तौलिये से सौरभ का गला घोंट दिया। मौत के बाद शव को खंती में फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के लिए पत्नी ने चेहरे को भारी पत्थर से कुचल दिया।
उसके बाद अपराधी बेफिक्र होकर अपना जीवन जी रहे थे। जुलाई में सौरभ के भाई ने अशोक नगर में गुमशुदगी की कराई। पुलिस ने जांच के बाद जब पत्नी और उसके प्रेमी को पकड़ा तो उन्होंने मारने की बात तो स्वीकार कर ली, लेकिन कई दिनों तक शव कहां छिपाया इसको लेकर गुमराह करते रहे।
रिचा जैन, दीपेश भार्गव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, लखन जाटव, गुरु उर्फ गोलू मंसूरी और सागर उर्फ दचका को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं अंशुल जैन को 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया। फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।