परेशानी का डबल डोजः ऑटो चालक और ट्रांसपोर्टर दिल्ली में करेंगे तीन दिन की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग, कल देशभर में बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर
देश की राजधानी दिल्ली में ऑटो चालकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, 20 मई को दे ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 19 May 2026 01:40:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 02:05:11 PM (IST)
HighLights
- 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान
- सप्लाई और ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका
- 20 मई को देश भर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को आने वाले दिनों में परिवहन और जरूरी सेवाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। देश की राजधानी में ऑटो चालकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, 20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। इससे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि और सीएनजी के बढ़े दामों के चलते ऑटो चालक किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा किराया दरों में वाहन चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।
तीन दिनों तक चक्काजाम की चेतावनी
वहीं, ट्रांसपोर्ट संगठनों ने व्यावसायिक वाहनों पर लगाए जा रहे हरित शुल्क, प्रदूषण के नाम पर दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध और अन्य नियमों के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो राजधानी में तीन दिनों तक चक्काजाम जैसी स्थिति बन सकती है।
सप्लाई और ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट संगठन के आह्वान पर इस हड़ताल को कई व्यावसायिक वाहन संघों, ऑटो यूनियनों, टैक्सी संगठनों और सवारी वाहन चालकों का समर्थन मिल रहा है। अगर हड़ताल होती है, तो इसका असर दिल्ली में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों पर पड़ सकता है। साथ ही जरूरी सामानों की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
20 मई को देश भर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआइओसीडी) के आह्वान पर 20 मई बुधवार को देश भर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। मेडिकल संचालकों ने मरीजों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने अपनी जरूरत की दवाइयां पहले ही खरीद लें।
ठोस कदम न उठाए जाने के कारण बंद का निर्णय
एआइओसीडी अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल के अनुसार देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्टों व वितरकों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को कई बार ज्ञापन सौंपे हैं।
केमिस्ट संचालकों की मांगे और बंद का निर्णय
केमिस्टों की प्रमुख मांगों में अवैध ई-फार्मेसी के संचालन पर पूर्ण रोक, कारपोरेट कंपनियों के शोषणकारी मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण और नोटिफिकेशन जीएसआर 817(ई) व जीएसआर 220 (ई) की वापसी शामिल है। मेडिकल व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल संचालकों का व्यवसाय खत्म होने की कगार पर है।
आरोप है कि बड़ी कारपोरेट कंपनियां भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में स्थानीय मेडिकल स्टोर पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं।