बांग्लादेश ने तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को भेजा न्योता, इनके जाने की संभावना
बांग्लादेश की ओर उनके नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री को आमंत्रण भेजा गया है। हालांकि पीएम ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Feb 2026 05:08:16 AM (IST)Updated Date: Sun, 15 Feb 2026 05:12:25 AM (IST)
प्रधानमंत्री को आया न्योता (सांकेतिक फोटो)HighLights
- बांग्लादेश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आया न्योता
- तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह का आमंत्रण
- प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में जाने की संभावना कम
डिजिटल डेस्क: हमारे पड़ोसी देश में लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता के बाद चुनाव संपन्न हो गया है उसका परिणाम भी सामने आ गया है। चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने जीत हासिल की है, इसके साथ ही यह तय हो गया है कि वहां का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जीया के बेटे तारिक रहमान ने चुनाव में जीत हासिल की है। वह बाग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। इसके साथ ही उन्होंने भारत के बांग्लादेश के रिश्तों में आयी तल्खियों को कम करने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। तारिख रहमान ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता भेजा है।
बता दें कि यह शपथ ग्रहण समारोह 16 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी सहित अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। जानकारी के अनुसार बांग्लादेश की ओर से यह न्योता तब दिया गया, जब रहमान की पार्टी ने संकेत दिए की शपथ ग्रहण समारोह में क्षेत्रीय नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री का जाना मुश्किल
हालांकि, ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के बांग्लादेश जाने की संभावना कम है, क्योंकि 17 फरवरी को फ्रांस के राष्टपति भारत में रहेंगे। मुंबई में मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक होने वाली है, जिसमें प्रधानमंत्री शामिल रहेंगे। राष्ट्रपति मैंक्रों अगले हफ्ते होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं।
भारत की ओर से दूसरे बड़े नेता हो सकते हैं शामिल
ऐसे में यह संभावना जतायी जा रही है कि तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से कोई सीनियर नेता शामिल हो सकतें हैं। शायद उपराष्ट्रपति या विदेश मंत्री उस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
विदेश मामलों के जानकारों का ऐसा मानना है कि भारत बांग्लादेश के साथ रश्तों में सुलह करने में अपनी ओर से जल्दबादी करता नहीं दिखना चाहता है। हालांकि निचले स्तर पर रिश्तों को फिर से ठीक करने को लेकर प्रयास जारी है। यह कार्य प्राथमिकता से जारी है।