
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और परिणामकारी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को 'डबल इंजन सरकार' से विकास और सुशासन का भरोसा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े छह अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है।
सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी मतदाताओं, चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों, पुलिस, पर्यवेक्षकों और राजनीतिक दलों का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की मौत हुई, उनके परिवार यदि चाहें तो सरकार पूरे मामले की जांच शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आज से शुरू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि यह प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाए।
इसके अलावा राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का फैसला लिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा। सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी का भी ऐलान किया गया।
वहीं, IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक कदम उठाने के अधिकार दिए गए हैं।
अत्याचार पीड़ित परिवारों को सुरक्षा: हिंसा और अत्याचार से प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सहायता देने का फैसला।
आयुष्मान भारत योजना लागू: राज्य में अब आयुष्मान भारत योजना शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
BSF को जमीन हस्तांतरण: सीमा पर तारबंदी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए BSF को 45 दिनों के भीतर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
IAS/IPS अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग: पश्चिम बंगाल कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए भेजा जाएगा, जिनका इस्तेमाल पिछली सरकार ने नहीं किया था
भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने की मंजूरी: राज्य में भारतीय न्याय संहिता लागू करने को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।
शरणार्थियों और विस्थापितों को भूमि अधिकार: विस्थापित और शरणार्थी परिवारों को भूमि अधिकार देने का निर्णय लिया गया।