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एजेंसी, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2026) के नतीजे आने के बाद भी हिंसक झड़पों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के नैजाट इलाके में हुई भीषण हिंसा में थाना प्रभारी समेत पांच जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना नैजाट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले राजबाड़ी इलाके की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वहां दो गुटों के बीच हिंसक झड़प की सूचना मिलने पर नैजाट थाना प्रभारी भरत प्रसून कर पुलिस टीम और केंद्रीय बल के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे थे। जैसे ही टीम वहां पहुंची, कथित तौर पर एक घर के भीतर से उपद्रवियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में थाना प्रभारी के पैर में गोली लगी और एक कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। हमले में कुल तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए कोलकाता के चित्तरंजन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि घटनास्थल पर की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सॉकेट बम बरामद किए गए हैं। पुलिस ने हिंसा में शामिल होने के संदेह में कई लोगों को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य में बढ़ती हिंसा को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। आयोग ने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव के बाद होने वाली हिंसा पर 'कतई बर्दाश्त नहीं' (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाए। आयोग ने केंद्रीय बलों और राज्य प्रशासन के बीच घनिष्ठ समन्वय पर जोर दिया है ताकि स्थिति को तत्काल नियंत्रण में लिया जा सके।
यह निर्देश तब आए हैं जब राज्य के अलग-अलग हिस्सों से दो लोगों की हत्या और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को बख्शा न जाए।
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