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बिहार के बांका में पदस्थापित शिक्षक कोलकाता और चलती ट्रेन से बना रहे थे ई-हाजिरी, हेडमास्टर सस्पेंड

ऑनलाइन डाटा की जांच करने पर शिक्षक की लोकेशन कभी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर (उनका पैतृक गांव), कभी पश्चिम बंगाल के कोलकाता तो कभी झारखंड के मधुपुर में मि...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 26 Aug 2026 03:23:13 PM (IST)Updated Date: Wed, 26 Aug 2026 03:23:13 PM (IST)
बिहार के बांका में पदस्थापित शिक्षक कोलकाता और चलती ट्रेन से बना रहे थे ई-हाजिरी, हेडमास्टर सस्पेंड
बिहार के बांका में पदस्थापित शिक्षक कोलकाता और चलती ट्रेन से बना रहे थे ई-हाजिरी

HighLights

  1. बांका के हेडमास्टर की कोलकाता और जमुई से बनती थी ई-हाजिरी
  2. चलती ट्रेन से भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने का हुआ खुलासा
  3. शिकायत की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल किया सस्पेंड

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए उपस्थिति दर्ज करने में धांधली और डिजिटल तकनीक का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में बांका जिले के बेलहर प्रखंड स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुमरैल के प्रधान शिक्षक प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासनिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शिक्षक स्कूल परिसर में मौजूद रहने के बजाय कई किलोमीटर दूर से अपनी हाजिरी दर्ज करा रहे थे। ऑनलाइन डाटा की जांच करने पर उनकी लोकेशन कभी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर (उनका पैतृक गांव), कभी पश्चिम बंगाल के कोलकाता तो कभी झारखंड के मधुपुर में मिली। इतना ही नहीं, कई बार ट्रेन में सफर करने के दौरान भी पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज की गई थी।


शिकायत के बाद खुली पोल

यह पूरी कार्रवाई शशि कुमार नामक व्यक्ति की ओर से दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उक्त हेडमास्टर नियमित रूप से विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और स्कूल के शैक्षणिक माहौल पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जीपीएस (GPS) डेटा की गहन जांच की, तो हेडमास्टर के दावों और वास्तविक लोकेशन में भारी अंतर पाया गया। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हो गया कि शिक्षक ने धोखाधड़ी और तकनीक में हेरफेर करके विभाग को लगातार अंधेरे में रखा।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन

मामले में आरोपी शिक्षक को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, विभाग उनके द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक का जवाब न केवल असंतोषजनक था, बल्कि इससे कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही भी उजागर हुई।

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इसे सरकारी सेवा आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए ई-शिक्षा कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने निलंबन आदेश जारी कर दिया। निलंबित रहने की अवधि के दौरान शिक्षक का मुख्यालय अमरपुर बीआरसी (BRC) तय किया गया है। शिक्षा विभाग की इस कड़ी कार्रवाई से फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने वाले अन्य शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।