
डिजिटल डेस्क। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से 11 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। इस सूची में न केवल पुराने अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया गया है, बल्कि सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए तीन नए चेहरों को भी जगह दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, जदयू से जिन 11 लोगों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है, उनमें से 8 पूर्व में भी नीतीश सरकार का हिस्सा रह चुके हैं। पुराने मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। वहीं, महिला कोटे से शीला कुमारी को भी दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
पार्टी इस बार मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार और रूहेल रंजन जैसे नए चेहरों को मौका देकर संगठन में नई ऊर्जा भरने और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में संवैधानिक व्यवस्था (15% सीमा) के तहत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस संख्या को लेकर घटक दलों के बीच मोटा तालमेल बैठ गया है:
फिलहाल जदयू दो उपमुख्यमंत्री (विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव) सहित 13 मंत्रियों की संख्या पर चर्चा कर रहा है। हालांकि, खबर है कि पार्टी अपने कोटे की कुछ सीटें फिलहाल रिक्त रखेगी, जिन्हें भविष्य में होने वाले अगले विस्तार के दौरान भरा जाएगा। इसी रणनीति के तहत अभी केवल 11 नए नामों पर मुहर लगने की संभावना है।
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मंत्रिमंडल की इस नई सूची को अंतिम रूप देते समय बिहार के जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। सीमांचल से लेकर मिथिलांचल और मगध तक के प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की कोशिश की गई है, ताकि आगामी चुनावों से पहले सभी वर्गों को साधा जा सके।