छात्रा छोड़ने की लगाती रही गुहार, बिहार में मनचले मोरल पुलिसिंग के नाम पर करते रहे छेड़छाड़; मामला दर्ज
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रों को रोककर प्रताड़ित करने और छात्रा से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने POCSO एक्ट में केस दर्ज कर आरोपियों की त...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 01:09:48 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 01:09:48 PM (IST)
बिहार में मनचलों ने मोरल पुलिसिंग के नाम पर छात्रा से छेड़छाड़ की। (सोशल मीडिया)HighLights
- जमुई में स्कूटी सवार दो नाबालिग छात्रों को रोका गया।
- आरोपियों ने छात्रा से छेड़छाड़ कर वीडियो बनाया था।
- वीडियो वायरल होने पर प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लिया।
डिजिटल डेस्क। बिहार के जमुई से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सभ्य समाज को झकझोर कर रख दिया है। बीच सड़क पर स्कूटी से घर लौट रहे दो स्कूली बच्चों को घेरकर मनचलों ने उन्हें प्रताड़ित किया, बल्कि नाबालिग छात्रा के साथ सरेआम छेड़छाड़ कर उसका वीडियो भी वायरल कर दिया।
खाकी और कानून का खौफ भूल चुके इन शोहदों की इस शर्मनाक करतूत के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लिया है और दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
बीच सड़क पर मासूमों से दरिंदगी
- यह खौफनाक वाकया बीते 19 सितंबर की शाम का है। एक नाबालिग छात्र अपनी सहपाठी के साथ स्कूटी से घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 6-7 मनचलों ने उन्हें रोक लिया। डरे-सहमे बच्चे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन उन बदमाशों का दिल नहीं पसीजा।
- उन्होंने न सिर्फ बच्चों को गालियां दीं और बदसलूकी की, बल्कि हद पार करते हुए छात्रा के साथ अनुचित हरकत (बैड टच) भी की। वे इतने बेखौफ थे कि इस पूरी घिनौनी करतूत का अपने मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और बाद में अपना दबदबा दिखाने के लिए उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया।
गोपनीय तरीके से दर्ज हुई एफआईआर
- समाज के डर और बदनामी की वजह से पीड़ित परिवार तुरंत पुलिस के पास नहीं गया। लेकिन, जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, जमुई के जिलाधिकारी (डीएम) नवीन ने मामले की गंभीरता को भांप लिया। उन्होंने बिना किसी लिखित शिकायत का इंतजार किए स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
- डीएम के आदेश पर जमुई सदर पुलिस और साइबर सेल तुरंत हरकत में आई। पुलिस टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से बच्चों का पता लगाया, उनके घर जाकर बयान दर्ज किया और बिना किसी देरी के पोक्सो (POCSO) एक्ट और बीएनएस की गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा ठोक दिया।
आरोपियों की हुई पहचान, पुलिस की छापेमारी तेज
- वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल सभी 6-7 युवकों की पहचान कर ली है। इन बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार इनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि वीडियो किस नीयत से इंटरनेट पर डाला गया, जिससे आरोपियों पर साइबर क्राइम की धाराएं भी लगाई जा सकें।
- इस बीच, प्रशासन ने पीड़ितों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी है और आम लोगों से भी सख्त अपील की है कि वे इस वीडियो को कहीं भी शेयर न करें, क्योंकि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना एक गंभीर अपराध है।