
डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने कई राज्यों में नए और अपेक्षाकृत कम चर्चित नेताओं को मुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की नई रणनीति अपनाई है। अब पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद सुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने से ऐसे राज्यों की संख्या नौ तक पहुंच गई है।
शुरुआत हरियाणा और महाराष्ट्र से
इस राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हरियाणा और महाराष्ट्र से मानी जाती है। हरियाणा में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। वहीं महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी और गठबंधन के साथ सरकार बनाई।
भाजपा ने पूर्वोत्तर में किया विस्तार
इसके बाद भाजपा ने पूर्वोत्तर भारत में भी तेजी से अपना विस्तार किया। 2016 में असम में पार्टी ने जीत हासिल की और सर्बानंद सोनोवाल राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने। इसके बाद भाजपा ने लगातार वहां अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
अरुणाचल प्रदेश में भी 2016 के दौरान बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। पेमा खांडू ने पहले कांग्रेस छोड़ी, फिर सहयोगी दल के जरिए भाजपा के साथ आए और बाद में सीधे भाजपा में शामिल होकर राज्य में पहली बार पार्टी की मजबूत सरकार बनाई।
2017 में भाजपा ने मणिपुर में भी पहली बार सत्ता हासिल की। पार्टी ने क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई और एन बीरेन सिंह को मुख्यमंत्री बनाया। इसके अगले साल त्रिपुरा में भाजपा ने लंबे समय से चले आ रहे वामपंथी शासन को खत्म कर बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में सरकार बनाई।
ओडिशा में भी ऐतिहासिक
ओडिशा में 2024 का चुनाव भी भाजपा के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जहां पार्टी ने नवीन पटनायक की बीजद सरकार को सत्ता से बाहर कर मोहन चरण माझी को मुख्यमंत्री बनाया। वहीं बिहार में लंबे समय तक सहयोगी भूमिका निभाने के बाद भाजपा को पहली बार मुख्यमंत्री पद मिला और सम्राट चौधरी ने राज्य की कमान संभाली।
अब पश्चिम बंगाल में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन को खत्म कर पहली बार सरकार बनाई है। सुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने को भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।