
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के बक्सर स्थित चौसा से उत्तर प्रदेश के धार्मिक एवं व्यापारिक केंद्र वाराणसी को जोड़ने के लिए एक नए फोरलेन मार्ग का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने चौसा से गाजीपुर के बीच फैले राष्ट्रीय राजमार्ग 124 सी को फोरलेन में बदलने हेतु विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की सहमति दे दी है।
संसद के मानसून सत्र में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वाराणसी से गाजीपुर तक का खंड पहले से ही फोरलेन के रूप में चालू है, और अब अगले चरण में गाजीपुर से चौसा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम शुरू किया जा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा 6 मार्च 2018 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के तहत चौसा-गाजीपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग 124सी घोषित किया गया था। यह लगभग 38 किलोमीटर लंबा हाईवे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में NH-31 से शुरू होकर गहमर तथा बारा होते हुए चौसा के समीप आरा-मोहनिया (NH-319A) के चौराहे पर समाप्त होता है।
वर्तमान में बक्सर-चौसा के बीच 22 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास (NH-319A) पहले से ही निर्माणाधीन है, जो इस NH 124C को बक्सर-पटना फोरलेन (NH-922) से जोड़ेगा। हालांकि, वर्तमान में NH 124C केवल दो-लेन या इंटरमीडिएट स्तर की सड़क है। ताड़ीघाट, गहमर, बारा और चौसा जैसे घनी आबादी वाले व्यापारिक क्षेत्रों से गुज़रने तथा अनधिकृत स्पीड ब्रेकर्स की बहुतायत के कारण यहाँ वाहनों की गति पर काफी असर पड़ता है।
यदि गहमर के बाद भदौरा के उत्तरी हिस्से से दुल्लहपुर होते हुए रेवतीपुर तक एक नया ग्रीनफील्ड बाईपास तैयार किया जाता है, तो इस मार्ग की दूरी 38 किमी से कम होकर मात्र 30 किमी रह जाएगी। इस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार होने के बाद बक्सर और वाराणसी के बीच का यात्रा समय आधा रह जाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 3 से 4 घंटे लगते हैं, जो घटकर केवल 1.5 से 2 घंटे रह जाएंगे।
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