नहर का पानी, किसान की मुस्कान - सिंचाई ने बदली पंजाब के गांवों की किस्मत
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम से 6,000 हेक्टेयर भूमि को कवर किया गया है, जिससे पानी की बचत के साथ उत्पादन बढ़ा है। कई किसान पहली बार वैकल्पिक फसलों की ओर ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 03:35:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 03:37:01 PM (IST)
पंजाब सरकार की सिंचाई योजनाएं।पंजाब के कई गांव ऐसे थे, जहां 35–40 वर्षों से नहर का पानी नहीं पहुंचा था। खेत सूखे रहते थे और किसान मजबूरी में महंगे ट्यूबवेल का सहारा लेते थे। अब वही गांव सिंचाई क्रांति के गवाह बन रहे हैं।
मान सरकार की 14-सूत्री जल योजना ने किसानों को नहरी पानी की सौगात दी है। हजारों जल मार्गों की बहाली से खेतों तक नियमित पानी पहुंच रहा है। इससे फसलों की पैदावार बढ़ी है और खेती की लागत में कमी आई है।
भूमिगत पाइपलाइन योजना ने किसानों की बड़ी समस्या हल कर दी है। अब खेतों में पानी का समान वितरण हो रहा है और नालियों से होने वाला नुकसान रुक गया है। किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलने से आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाना आसान हुआ है।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम से 6,000 हेक्टेयर भूमि को कवर किया गया है, जिससे पानी की बचत के साथ उत्पादन बढ़ा है। कई किसान पहली बार वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़े हैं।
ट्रीटेड वॉटर परियोजनाओं ने पानी की कमी वाले क्षेत्रों में नई उम्मीद जगाई है। अब बर्बाद होने वाला पानी खेतों की प्यास बुझा रहा है।
किसानों का कहना है कि यह सिर्फ सिंचाई सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और स्थायित्व की वापसी है। पंजाब का किसान अब भविष्य को लेकर पहले से कहीं अधिक आश्वस्त है।