राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर भुगतान की बदलेगी व्यवस्था, एक अप्रैल से टोल पर नकद लेनदेन बंद
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था समाप्त करने की तैयारी में है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 09:02:56 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 09:03:53 AM (IST)
एक अप्रैल से टोल पर नकद लेनदेन बंदHighLights
- टोल वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है
- यूपीआइ आधारित भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध
- नकद भुगतान पर अभी दोगुना चार्ज वसूला जाता है
डिजिटल डेस्क, एजेंसी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था समाप्त करने की तैयारी में है। अथॉरिटी के प्रस्ताव के अनुसार टोल शुल्क का संग्रह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
भुगतान केवल फास्टैग तथा यूपीआइ के जरिए ही संभव होगा। प्रस्ताव लागू होने पर देशभर के लगभग 1150 टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन बंद हो सकता है।
क्या कहना है एनएचएआइ का?
एनएचएआइ का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली को और मजबूत करने, लेन संचालन की दक्षता बढ़ाने तथा टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। डिजिटल भुगतान से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और लंबी कतारों की समस्या में कमी आएगी।
टोल वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है
पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग प्रणाली के व्यापक उपयोग से टोल वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 98 प्रतिशत से अधिक टोल लेनदेन फास्टैग के माध्यम से हो रहे हैं। रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) आधारित यह प्रणाली वाहनों को बिना रुके टोल पार करने की सुविधा देती है, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आती है।
यूपीआइ आधारित भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर यूपीआइ आधारित भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि जिन वाहनों में फास्टैग नहीं है वे भी डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकें। सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और नकदी पर निर्भरता कम करने की व्यापक नीति के तहत इस व्यवस्था को आगे बढ़ा रही है।
नकद भुगतान पर अभी दोगुना चार्ज वसूला जाता है
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के तहत बिना सक्रिय फास्टैग के नकद भुगतान करने वाले वाहनों से दोगुना यूजर शुल्क वसूला जाता है। वहीं यूपीआइ के माध्यम से भुगतान करने पर वास्तविक शुल्क का 1.25 गुना लिया जाता है। एनएचएआइ का मानना है कि पूर्ण डिजिटलीकरण से टोल प्रणाली अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनेगी।