नक्सल आंदोलन की कमर टूटी: सीपीआई (माओवादी) के महासचिव देवजी ने किया सरेंडर, 25 लाख का था इनाम
देश में माओवादी हिंसा को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार अभियान तेज कर चुकी है। इसी कड़ी में एक अहम सफलता हाथ लगी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 02:56:59 PM (IST)Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 02:56:59 PM (IST)
नक्सल आंदोलन की कमर टूटीHighLights
- 25 लाख इनामी माओवादी महासचिव का आत्मसमर्पण
- तेलंगाना पुलिस के समक्ष सरेंडर से बड़ा झटका
- मार्च 2026 तक माओवादी उग्रवाद खत्म करने का लक्ष्य
डिजिटल डेस्क। देश में माओवादी हिंसा को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार अभियान तेज कर चुकी है। इसी कड़ी में एक अहम सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के महासचिव तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल आंदोलन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका मान रही हैं।
25 लाख रुपये का इनाम घोषित
करीब 60 वर्षीय देवजी पर तेलंगाना में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने मुलुगु जिले में सरेंडर किया। हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही इसकी पुष्टि होने की संभावना जताई जा रही है।
करीमनगर जिले के मूल निवासी देवजी को करीब आठ महीने पहले संगठन का महासचिव बनाया गया था। इससे पहले मई 2025 में सुरक्षा बलों ने तत्कालीन प्रमुख नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया था। सूत्रों के मुताबिक देवजी के साथ लगभग 20 सशस्त्र कैडर के भी आत्मसमर्पण करने की उम्मीद है।
‘ऑपरेशन कगार’ के तहत दबाव बढ़ाया जा रहा
केंद्र सरकार ने देशभर में वामपंथी उग्रवाद के खात्मे के लिए व्यापक रणनीति अपनाई है। ‘ऑपरेशन कगार’ के तहत दबाव बढ़ाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। तेलंगाना पुलिस का स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो, जो माओवादी विरोधी अभियानों की निगरानी करता है, पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।