BRICS Summit ने लौटाया 80 के दशक वाला कनॉट प्लेस, अतिक्रमण हटने के बाद बदली तस्वीर, बाजारों में बढ़ी रौनक
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान लुटियंस दिल्ली के साथ दिल्ली का दिल ऐतिहासिक कनॉट प्लेस यानि सीपी का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 03:14:59 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 03:14:59 PM (IST)
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद बदली कनॉट प्लेस की तस्वीर, फाइल फोटोHighLights
- ब्रिक्स ने दिलाई 80 के दशक की याद
- अतिक्रमण के बाद बदली CP की तस्वीर
- व्यापारियों में फिर बना अतिक्रमण का डर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कनॉट प्लेस का नजारा इन दिनों ऐसा है मानो दिल्ली ने अपनी पुरानी एलबम का एक पन्ना फिर खोल दिया हो। सफेद इमारतों के नीचे खुले गलियारे, पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह और दुकानों के सामने कम भीड़ ने कनॉट प्लेस को उसके पुराने रूप की याद दिला दी।
फर्क सिर्फ इतना है कि 80 के दशक में यह इसकी रोजमर्रा की तस्वीर थी, जबकि अब अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के आगमन पर नजर आ रही है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान लुटियंस दिल्ली के साथ दिल्ली का दिल ऐतिहासिक कनॉट प्लेस यानि सीपी का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।
80 का दशक आ रहा याद
अतिक्रमण, अवैध रेहड़ी-पटरी वालों, भिखारियों और बेघरों से मुक्त कनॉट प्लेस ने व्यापारियों को 80 के दशक के उस दौर की याद दिला दी, जब यह बाजार अपनी सुंदरता, साफ-सफाई और सुकून के लिए जाना जाता था।
इस दौरान सम्मेलन में आए मेहमानों ने इस अतिक्रमण मुक्त जगह का लुत्फ लिया साथ ही सीपी के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखा है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान यही नजारा देखने को मिला है। सीपी के व्यापारियों का कहना है कि दशकों के बाद यहां का माहौल ऐसा बना है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि, यह हमारे लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक पल है।
सीपी में विदेशी मेहमानों के आथित्य का मौका है, लेकिन इसके साथ ही उन्हें एक बार फिर से अतिक्रमण का डर सता रहा है। सम्मेलन से पहले हजारों अवैध रेहड़ी-पटरी वाले रहते थे जिससे लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती थी।