
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप केन्द्रीय कर्मचारी हैं और सरकारी नीतियों पर नजर रखते हैं तो यह खबर आपको खुश करने वाली है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की सुगबुगाहट के बीच केन्द्रीय अफसरों की रातों-रात चांदी हो गई। हैरान करने वाली बात है कि अब बिना पदोन्नति के सीधे हाई लेवल का फायदा मिलने जा रहा है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 26 मई 2026 को 'नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन' (NFU) को लेकर एक नया ऑफिस मेमोरेंडम (O.M.) जारी किया। इस नए आदेश के मुताबिक, कुछ खास बैच के अधिकारियों को अब बिना किसी रेगुलर प्रमोशन के ही सीधे ऊंचे पे-लेवल (Pay Level) का लाभ मिलने जा रहा है।
दरअसल, सरकारी नौकरियों में तनख्वाह या 'पे-लेवल' तभी बढ़ता है जब आपकी पदोन्नति होती है। लेकिन, 'ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विसेज' (Organised Group 'A' Services - OGAS) के अधिकारियों के लिए सरकार ने एक खास और शानदार व्यवस्था की है, जिसे 'नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन' (Non-Functional Upgradation - NFU) कहा जाता है।
कैसे काम करेगा नियम
मान लीजिए कि किसी विशेष बैच के एक IAS अधिकारी को केंद्र में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर प्रमोट कर दिया जाता है। अब अगर उसी बैच के अन्य 'ग्रुप ए' सेवा के अधिकारियों का प्रमोशन किन्हीं कारणों से नहीं हो पाता है, तो वे अधिकारी NFU नियम के तहत उसी ऊंचे 'पे-स्केल' (Pay Level) के हकदार बन जाते हैं, जो उस प्रमोटेड IAS अधिकारी को मिल रहा है। यानी पद भले ही पुराना रहे, लेकिन सैलरी बड़े पद वाली मिलेगी।
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पे-लेवल को लेकर DoPT के नियम और सख्त शर्तें
अधिकारी को अपने वर्तमान ग्रेड में एक निश्चित 'रेजिडेंसी पीरियड' (सेवा की अवधि) पूरा करना अनिवार्य है।
भले ही पदोन्नति नहीं हो रही है, लेकिन अधिकारी का सर्विस रिकॉर्ड और 'बेंचमार्क' (ACR/APAR रेटिंग) प्रमोशन के मानकों के बिल्कुल अनुरूप होना चाहिए।
यह फायदा पूरी तरह से 'वित्तीय' होता है। इसका मतलब है कि अधिकारी की सैलरी, भत्ते और पे-लेवल तो उच्च पद वाले हो जाएंगे, लेकिन उसका वास्तविक पद , काम और प्रशासनिक अधिकार पहले वाले ही रहेंगे।
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