दिल्ली-पुणे स्पाइसजेट फ्लाइट में एसी बंद होने से मचा हंगामा, गर्मी और घुटन से परेशान यात्रियों ने IGI एयरपोर्ट पर रोका टेकऑफ
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पुणे के लिए उड़ान भरने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में बोर्डिंग के बाद अचानक एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद हो...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 03:02:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 03:04:37 PM (IST)
HighLights
- टर्मिनल पर उतरकर जताया विरोध
- उड़ान भरने से किया इनकार
- तकनीकी खराबी को लेकर उठे सवाल
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पुणे के लिए उड़ान भरने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में बोर्डिंग के बाद अचानक एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। केबिन में गर्मी और घुटन बढ़ने के बाद यात्रियों ने विरोध शुरू कर दिया और टेकऑफ से ठीक पहले उड़ान रोक दी गई।
यात्रियों का आरोप है कि काफी देर तक विमान के अंदर राहत की कोई व्यवस्था नहीं की गई। गर्मी बढ़ने के साथ कई यात्री पसीने से तर-बतर हो गए। विमान में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के मौजूद होने के कारण स्थिति को लेकर यात्रियों की चिंता और बढ़ गई।
टर्मिनल पर उतरकर जताया विरोध
एसी और वेंटिलेशन की समस्या से परेशान यात्रियों ने क्रू मेंबर्स के खिलाफ नाराजगी जताई। मामला बढ़ने के बाद यात्रियों ने विमान से उतरकर टरमैक पर विरोध किया। इसके बाद विमान को वापस बे में लाया गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सामने आए हैं।
इनमें कुछ यात्री सीटों के पास रखे कागज और मैगजीन से हवा करते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों में कहा गया कि विमान में पहले से तकनीकी समस्या थी, इसके बावजूद यात्रियों की बोर्डिंग कराई गई।
टेकऑफ से पहले यात्रियों ने उड़ान भरने से किया इनकार
यात्रियों के मुताबिक, जब विमान को उड़ान के लिए आगे ले जाया गया तो केबिन में गर्मी और घुटन की स्थिति बनी रही। इसके बाद यात्रियों ने विमान के उड़ान भरने पर आपत्ति जताते हुए टेकऑफ रोकने की मांग की। बताया गया कि इस दौरान यात्रियों और क्रू के बीच तीखी बहस भी हुई।
कुछ यात्रियों का दावा है कि उन्हें शांत कराने के लिए पुलिस बुलाने की बात कही गई। हालांकि, बाद में विमान की तकनीकी स्थिति की जांच किए जाने पर एसी सिस्टम में खराबी सामने आने की बात कही गई।
तकनीकी खराबी को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि विमान के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में पहले से तकनीकी समस्या थी तो यात्रियों को उसमें बोर्ड क्यों कराया गया। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक विमान के अंदर यात्रियों के रहने से उनकी परेशानी और बढ़ गई।
फिलहाल घटना को लेकर एयरलाइन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यात्रियों के आरोपों और विमान में सामने आई तकनीकी समस्या की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
यह भी पढ़ें- 224 यात्रियों को लेकर जा रही इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, चेन्नई एयरपोर्ट पर कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग