
डिजिटल डेस्क। पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी स्थित दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की क्लस्टर कॉलोनी में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां 25 गज के प्लॉट पर बना पांच मंजिला अवैध मकान अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की जान चली गई, जबकि मलबे से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
घंटों चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, दिल्ली पुलिस और स्थानीय नगर निगम की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत कार्य चलाया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मलबे में फंसे एक पांच वर्षीय मासूम का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। वहीं एक चार महीने की गर्भवती महिला भी मलबे के नीचे दब गई, जो फोन पर अपनी मां से लगातार मदद की गुहार लगाती रही।
दमकल विभाग को दोपहर करीब 3:30 बजे ईदगाह के पास मकान गिरने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह इमारत अनवार नाम के व्यक्ति की थी, जिसे बिना किसी पिलर के एल-शेप में बनाया गया था। भूतल पर कबाड़ और बिरयानी की दुकान संचालित होती थी। पहली मंजिल पर मकान मालिक का परिवार रहता था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर कूड़ा बीनने वाले करीब 20 किरायेदार रह रहे थे। इमारत गिरने के असर से पास के तीन अन्य अवैध मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
हादसे के समय घर में करीब एक दर्जन लोग मौजूद थे। शाहदरा डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि इमारत काफी पुरानी थी और दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। वहीं जोन चेयरमैन पंकज लूथरा के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने मंगलवार रात आए भूकंप के झटकों के बाद मकान में दरार आने की बात कही है। निगम प्रशासन को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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