
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E-20) को लेकर आम जनता के बीच फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए तकनीकी और आर्थिक विशेषज्ञों ने इसे देश के भविष्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है। शनिवार को भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा कोलकाता प्रेस क्लब में एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से कहा कि ई-20 ईंधन देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण की रक्षा और किसानों की खुशहाली के लिए बेहद जरूरी है।
परिचर्चा में शामिल होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के (पूर्वी क्षेत्र) ग्राहक सेवा महाप्रबंधक समीर रोहतगी ने वाहन मालिकों को आश्वस्त किया कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
उन्होंने कहा, 'ऑटोमोबाइल कंपनियां अब नए वाहनों को इसी आधुनिक ईंधन के अनुकूल तैयार कर रही हैं। उपभोक्ताओं को बिना किसी डर के कंपनियों के दिशा-निर्देशों पर भरोसा करना चाहिए।' यह ईंधन न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करता है, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी मददगार है।
इंडियन ऑयल डीलर्स फोरम (पश्चिम बंगाल) के सचिव कुशल बजोरिया ने इस नीति के आर्थिक फायदों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी, जिससे देश की मूल्यवान विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
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इसके अलावा, एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा आर्थिक लाभ देश के अन्नदाताओं को मिलेगा। इस कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट और उद्यमी दिलीप लोयलका ने भी देश की आर्थिक समृद्धि के लिए इस नीति को एक दूरदर्शी कदम बताया।