
डिजिटल डेस्क, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और आसपास के इलाकों में बीती रात से कुदरत का भारी कहर टूटा है। रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने अचानक बाढ़ ला दी, जिससे व्यापक तबाही मची है। दरहाली और राजौरी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी बेला कॉलोनी और बस स्टैंड में घुस गया। तेज बहाव के कारण बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां तिनके की तरह बह गईं और बेला इलाके में कई परिवार और मवेशी बाढ़ के बीच फंस गए।
थन्ना मंडी के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बेहरोट में एक क्रशर यूनिट के मजदूरों के फंसे होने की खबर है। सबसे दिल दहला देने वाली घटना मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबन में घटी, जहां बादल फटने से एक पूरा कब्रिस्तान ही बह गया, जिससे स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं।

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी की यात्रा भी रोक दी गई है। बैटरी कार मार्ग और भैरव घाटी रास्ते पर जगह-जगह चट्टानें और मलबा गिरा है। हेलिकॉप्टर, बैटरी कार से लेकर घोड़ा-पालकी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और कटड़ा में करीब 15,000 श्रद्धालु यात्रा शुरू होने के इंतजार में फंसे हैं।
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बारिश का असर राजमार्गों पर भी पड़ा है। जखियानी और चेनानी के बीच कई जगह लैंडस्लाइड होने से NHAI मलबा हटाने में जुटा है। मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की थी। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीमें भेज दी हैं। रुक-रुक कर हो रही बारिश से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।