
डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया पर भारत के विभिन्न हिंदू मंदिरों में रखे अकूत सोने को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दावों में यह कहा जा रहा था कि सरकार देश के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के सोने का अनिवार्य मुद्रीकरण (Monetization) करने जा रही है।
इस संवेदनशील मुद्दे पर देश में बढ़ते भ्रम को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) और पीआईबी (PIB) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर को पूरी तरह से 'फेक' (Fake) और भ्रामक करार दिया है।
सोने और चांदी की लगातार रिकॉर्ड तोड़ती कीमतों के बीच सोशल मीडिया पर एक भ्रामक खबर ने देश भर के श्रद्धालुओं और मंदिर ट्रस्टों की चिंता बढ़ा दी थी। वायरल दावों में कहा गया था कि सरकार केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से लेकर आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों में रखे सोने का मुद्रीकरण करने का प्लान बना रही है।
👉 Clarification on false claims on monetisation of temple gold holdings
👉 Speculation and rumours suggesting that the Government is planning to introduce monetisation scheme for Gold held by temple trusts, or any religious institution, across the country are completely false,… pic.twitter.com/BcuGaogGM7
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) May 19, 2026
मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक बेहद स्पष्ट और कड़ा पोस्ट साझा किया है।
यह अटकलें और अफवाहें कि सरकार पूरे देश में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास रखे सोने के लिए मुद्रीकरण योजना (Gold Monetization Scheme) शुरू करने की योजना बना रही है, पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं। सरकार का ऐसा कोई इरादा या योजना नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में केवल सोने के मुद्रीकरण की ही बात नहीं थी, बल्कि यह भी मनगढ़ंत दावा किया जा रहा था कि सरकार मंदिरों की प्राचीन संरचनाओं पर लगे सोने को अपने नियंत्रण में लेगी।
इस पर प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक रिपोर्ट ने स्थिति साफ करते हुए लिखा:
सरकार ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे आर्थिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील विषयों पर बिना पुष्टि वाले संदेशों को आगे फॉरवर्ड न करें।
| विधिक निर्देश (Directives) | सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन (Official Guidelines) |
| 1. अफवाहों पर रोक | नागरिकों से अनुरोध है कि वे ऐसी किसी भी मनगढ़ंत योजना पर विश्वास न करें और न ही इन्हें व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर साझा करें। |
| 2. अनावश्यक भ्रम से बचाव | बिना पुष्टि वाली वित्तीय जानकारियां फैलाने से बाजार और आम जनता में अनावश्यक पैनिक और भ्रम पैदा होता है, जिससे देश की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। |
| 3. केवल सत्यापित स्रोतों पर भरोसा | नीतिगत निर्णयों या सोने से जुड़ी सरकारी योजनाओं की सही जानकारी केवल अधिकृत प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सरकार के सत्यापित सार्वजनिक संचार मंचों से ही प्राप्त करें। |
सरकारी जवाब आने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि देश के मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए लाखों टन सोने और आभूषणों को न तो सरकार बेचेगी और न ही उनका कोई मुद्रीकरण किया जाएगा। मंदिरों के खजाने और उनकी संरचनाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और वे संबंधित मंदिर ट्रस्टों के विधिक नियंत्रण में ही रहेंगी।