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फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान बच्ची के टायलेट ब्रेक ने बचाया कैप्टन और यात्रियों की जान, बच्ची की इस बात ने बदल दी पूरी तस्वीर

फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान एक बच्ची के टॉयलेट ब्रेक ने विमान के कैप्टन और यात्रियों की जान बचा ली।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 08:30:52 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 08:36:12 PM (IST)
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान बच्ची के टायलेट ब्रेक ने बचाया कैप्टन और यात्रियों की जान, बच्ची की इस बात ने बदल दी पूरी तस्वीर

HighLights

  1. काकपिट का गेट हल्का खुला था, आवाज सुन चीख पड़ी बच्ची
  2. हम मरना नहीं चाहते, बच्ची की इस बात ने बदल दी पूरी तस्वीर
  3. कॉकपिट में खून फैला था, मानेस और अन्य ने को-पायलट को काबू में किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान एक बच्ची के टॉयलेट ब्रेक ने विमान के कैप्टन और यात्रियों की जान बचा ली। उस समय छह वर्षीय नीना टॉयलेट में थी, तभी कॉकपिट से दिल दहला देने वाली चीखें सुनाई दीं।

यात्री ज़्विका मानेस ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि तेल अवीव जाने वाली उड़ान में वह पहली पंक्ति में बैठे थे, तभी बेटी की चीखें सुनीं। वे तुरंत उठकर टॉयलेट की ओर अपनी बेटी को बाहर निकालने के लिए दौड़े।


बच्ची ने कहा, पापा, हम मरना नहीं चाहते

बच्ची ने कहा, "पापा, हम मरना नहीं चाहते।" यही वे शब्द थे, जिसने उनके कदम को कॉकपिट की ओर मोड़ दिया और उसके बाद उनकी मदद के लिए लगातार हाथ बढ़ते गए। वहां पहुंचकर उन्होंने जो देखा, वह अफरा-तफरी का मंजर था।

कैप्टन स्मित मच्छर खून से लथपथ पड़े थे

इंटरनेट मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मानेस ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा थोड़ा खुला था और कैप्टन स्मित मच्छर खून से लथपथ पड़े थे। वह ओमान के को-पायलट के साथ हाथापाई कर रहे थे। कॉकपिट अस्त-व्यस्त था और खून फैला था। को-पायलट उनपर हमला कर रहा था।

मानेस और अन्य ने को-पायलट को काबू में कर लिया। उन्होंने विमान के हेडफोन सेट के केबल का इस्तेमाल करके उसे बांध दिया।

यह भी पढ़ें- यूं ही नहीं है कैप्टन स्मित का उपनाम 'मच्छर', फ्लाईदुबई के जाबांज भारतीय पायलट के उपनाम का है दिलचस्प इतिहास