-1771148216883_v.webp)
डिजिटल डेस्क। झारखंड के चाईबासा और हजारीबाग जिलों में हाथियों के बढ़ते जानलेवा हमलों को रोकने के लिए वन विभाग ने एक अनोखी रणनीति तैयार की है। इंसानी बस्तियों में तबाही मचा रहे बेलगाम हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कर्नाटक से 6 विशेष प्रशिक्षित 'कुमकी' (Kunki) हाथी बुलाए जा रहे हैं। ये हाथी अपने व्यवहार और गंध के जरिए हिंसक नर हाथियों को 'प्रेमजाल' में फंसाकर शांत करेंगे और उन्हें वापस जंगल ले जाएंगे।
राज्य में हाथियों का उत्पात इस कदर बढ़ गया है कि पिछले एक महीने में 25 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, वयस्क नर हाथियों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ने से वे 'मस्त' (हिंसक) हो जाते हैं और झुंड से अलग होकर बस्तियों में हमला करते हैं।
'कुमकी' या 'कुनकी' फारसी शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'सहायक'। ये हाथी और उनके महावत विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं।
इनके साथ विशेषज्ञों की एक टीम भी होगी जो जरूरत पड़ने पर हिंसक हाथी को ट्रैंक्युलाइज (बेहोश) भी कर सकेगी।
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के जंगलों में हाथियों के हिंसक होने के मुख्य कारण ये हैं...
कर्नाटक सरकार ने छह कुमकी हाथियों को भेजने की सहमति दे दी है। प्रशिक्षित महावतों और विशेषज्ञों की टीम के साथ ये हाथी जल्द ही चाईबासा और हजारीबाग में मोर्चा संभालेंगे। - संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड
यह भी पढ़ें- Weather Alert: MP के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, UP और राजस्थान में भी इस दिन से होगी बरसात