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डिजिटल डेस्क। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मई (May Weather Forecast) का महीना सामान्य से कम गर्म रह सकता है। IMD ने अनुमान जताया है कि इस दौरान तापमान सामान्य रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। साथ ही देश के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 से 16 मई के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंच सकता है। यह सामान्य समय के आसपास है, जिससे मानसून के समय पर आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हो जाती है। मई के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
IMD के महानिदेशक एम. महापात्र ने बताया कि मार्च से ही पश्चिमी विक्षोभों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। अरब सागर से आने वाली नमी इन सिस्टम्स को और मजबूत बना रही है। मई में भी ऐसे विक्षोभ और तूफानी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार, देशभर में मई के दौरान औसत बारिश सामान्य से अधिक रह सकती है, जो दीर्घकालिक औसत (LPA) के 110% से भी ज्यादा हो सकती है। 1971 से 2020 के आंकड़ों के अनुसार मई में औसत वर्षा 61.4 मिमी रही है। हालांकि पूर्वी, पूर्वोत्तर और पूर्वी-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कम बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। खासकर मानसून के आने से पहले उत्तर-पश्चिम भारत में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।
दैनिक मौसम परिचर्चा (01.05.2026)
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पूर्वोत्तर भारत में इस सप्ताह के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज़ हवा के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
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— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 1, 2026
अप्रैल महीने में देशभर में बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम दर्ज की गई। हालांकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जबकि दक्षिण भारत में 51.1 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई।