• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • देश

अफगानिस्तान के लाजावर्त पत्थर से बनेगा भारत का पहला नीला शिवलिंग, MP में तैयार हो रहीं अद्भुत मूर्तियां

अफगानिस्तान के दुर्लभ लाजावर्त पत्थर से बनने वाला यह शिवलिंग करीब 15 लाख रुपये कीमत वाले सिंगल पीस पत्थर से इसे तराशा जाएगा।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 01:50:01 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 01:50:01 PM (IST)
अफगानिस्तान के लाजावर्त पत्थर से बनेगा भारत का पहला नीला शिवलिंग, MP में तैयार हो रहीं अद्भुत मूर्तियां
ग्वालियर में बन रहा देश का पहला विशाल 'नीला शिवलिंग' (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. अफगानिस्तान के लाजावर्त पत्थर से होगा तैयार
  2. कीमत करीब 15 लाख रुपये सिंगल पीस
  3. पांच देशों के पत्थरों से बनेंगी 70 प्रतिमाएं

डिजिटल डेस्क, नईदिल्ली। क्या आपने कभी गहरे नीले रंग का शिवलिंग देखा है? मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला विशाल ‘नीला शिवलिंग’ तैयार किया जा रहा है। अफगानिस्तान के दुर्लभ लाजावर्त पत्थर से बनने वाला यह शिवलिंग 3 फीट ऊंचा और करीब डेढ़ टन वजनी होगा।

अफगानिस्तान से आ रहा 15 लाख का पत्थर

ग्वालियर स्थित रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा इसे आकार दे रहे हैं। इसके लिए अफगानिस्तान से लाजावर्त यानी लैपिस लाजुली का एक विशाल सिंगल पीस पत्थर मंगाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार यह पत्थर लगभग 5x5 फीट आकार का होगा और इसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। यह पत्थर अपने गहरे नीले रंग, सुनहरी चमक और दुर्लभता के कारण दुनिया भर में विशेष महत्व रखता है। पत्थर के जल्द ही ग्वालियर पहुंचने की उम्मीद है।


पांच देशों के पत्थरों से बनेंगी 70 प्रतिमाएं

यह प्रोजेक्ट केवल शिवलिंग तक सीमित नहीं है। मंदिर के लिए कुल 70 प्रतिमाएं बनाई जानी हैं, जिनमें से 60 प्रतिमाओं का निर्माण ग्वालियर में होगा। इसके लिए भारत, अफगानिस्तान, ब्राजील, सूडान और वियतनाम सहित पांच देशों से विशेष पत्थर मंगाए जा रहे हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा सूडान के हरे मर्गज स्टोन से, कार्तिकेय के लिए वियतनाम का ब्लैक मार्बल, नंदी जैसलमेर के गोल्डन स्टोन से और माता पार्वती की प्रतिमा मकराना के सफेद संगमरमर से बनाई जाएगी।

बाली के शिवलिंग से मिली प्रेरणा

इस विशेष शिवलिंग का डिजाइन इंडोनेशिया के बाली द्वीप में स्थित संग्रहालय में स्थापित सैंडस्टोन शिवलिंग से प्रेरित है। मंदिर का नाम ‘वंशवृद्धि महादेव मंदिर’ रखा गया है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग संतान प्राप्ति और वंश वृद्धि की आस्था से जुड़ा रहेगा। लाजावर्त का उपयोग प्राचीन काल से आभूषण और पेंटिंग के लिए किया जाता रहा है।