
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम की नई जर्सी का रंग बदलने (Indian Hockey Saffron Jersey) के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। हॉकी इंडिया ने टीम की नई जर्सी जारी की है, जिसमें पारंपरिक नीले रंग की जगह केसरिया रंग को प्रमुखता दी गई है। इसके बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, सुखदेव भगत, राजद सांसद सुधाकर सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
संसद भवन के बाहर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जर्सी बदलना या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करना, दोनों एक जैसी मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम अहिंसा और सत्य पर आधारित था तथा इसकी विरासत पूरे देश को मालूम है।
Delhi: On former India hockey captain Viren Rasquinha raising concerns over India's blue jersey allegedly being replaced by saffron, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "Whether they change uniforms or try to rewrite history through the education policy, no matter what they… pic.twitter.com/X3ZswAwAII
— IANS (@ians_india) July 30, 2026
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा ने भी जर्सी के रंग में बदलाव पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन टीम की पहचान और विरासत हमेशा नीली जर्सी रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्षों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है और प्रशंसक भी भारतीय टीम को उसी रंग में देखना पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नारंगी रंग अपनाने का तर्क क्या है।
I must say that @TheHockeyIndia has done many good things for 🇮🇳 🏑. But this is embarrassing. The legacy & identity of the Indian team has always been BLUE. I wore the Blue jersey with pride for many years. Fans want to see our Indian team in blue. What is the logic of orange? https://t.co/apDnJkTld4
— Viren Rasquinha (@virenrasquinha) July 29, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने केसरिया जर्सी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत क्रांतिकारियों की धरती है और केसरिया रंग देश की पहचान का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक इस रंग पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
नई जर्सी को लेकर खेल से ज्यादा राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष इस बदलाव पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी ओर सत्तापक्ष इसे भारतीय पहचान से जोड़कर देख रहा है।