Israel-Iran War: अलर्ट मोड पर देश के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, एयर इंडिया-इंडिगो की कई उड़ानें रद, यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी
मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 'हाई अलर्ट' पर रहने क ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 28 Feb 2026 07:10:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Feb 2026 07:10:10 PM (IST)
Israel-Iran War: अलर्ट मोड पर देश के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे। (फाइल फोटो)HighLights
- ईरान-अमेरिका तनाव का असर
- एयर इंडिया-इंडिगो की उड़ानें रद
- यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 'हाई अलर्ट' पर रहने के निर्देश दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संभावित आपातकालीन लैंडिंग और विमानों के डायवर्जन से निपटने के लिए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है।
हवाई अड्डों को अलर्ट और सुरक्षा के कड़े निर्देश
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- हवाई अड्डों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे और इमिग्रेशन सहायता को सुदृढ़ रखने के लिए कहा गया है ताकि अचानक होने वाली लैंडिंग के समय यात्रियों को समस्या न हो।
- किसी भी स्थिति में चालक दल (क्रू) के ठहरने और रसद की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डीजीसीए (DGCA) को सुरक्षा नियमों और क्रू ड्यूटी समय सीमाओं के अनुपालन पर सख्त नजर रखने का आदेश दिया गया है।
भारतीय एयरलाइनों पर असर और उड़ानों का डायवर्जन
क्षेत्रीय तनाव के कारण खाड़ी देशों के हवाई मार्ग और कई एयरपोर्ट बंद होने की सूचना है। इसका सीधा असर भारतीय विमानन सेवाओं पर पड़ा है:
- एयर इंडिया और इंडिगो ने खाड़ी देशों के लिए अपनी कई उड़ानों को स्थगित या रद्द कर दिया है।
- एयर इंडिया की तेल अवीव जा रही एक उड़ान को सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण बीच रास्ते से ही वापस बेस एयरपोर्ट पर लाना पड़ा।
- लंबी दूरी की उड़ानों को अब दूसरे रास्तों (रीरूट) से भेजा जा रहा है, जिससे ईंधन की लागत और उड़ान के समय में बढ़ोतरी की आशंका है।
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यात्रियों की सुरक्षा और सरकार का तालमेल
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और विमान कर्मियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ भी समन्वय कर रही है:
- विदेशों में फंसे भारतीयों या भारतीय विमानों की सुरक्षा के लिए उड्डयन मंत्रालय विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है।
- मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर करें।
- एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा विकल्प या पूर्ण रिफंड प्रदान करें।
सरकार ने कहा है कि मध्य-पूर्व के हालात और एयरस्पेस एडवाइजरी पर पैनी नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।