राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ रांची में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की सभी विवादित नियुक्ति परीक्षाओं को रद करने का निर्णय लिया है।
इन परीक्षाओं में जेएसएससी की सीजीएल (संयुक्त स्नात्तक स्तरीय) नियुक्ति परीक्षा भी शामिल है, जिसे रद करने को लेकर झारखंड सरकार और छात्र आंदोलनकारियों के बीच कई दिनों से गतिरोध बना हुआ था। अब सरकार ने सीबीआइ जांच को छोड़कर छात्र आंदोलनकारियों की लगभग सभी मांगें मान ली है।
मुख्यमंत्री ने हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया निर्णय
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यह निर्णय कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया। मंत्रियों के साथ चार घंटे की मैराथन बैठक में छात्रों की मांगों पर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें इन परीक्षाओं को रद करने का निर्णय किया गया। शाम पांच बजे शुरू हुई बैठक रात नौ बजे खत्म हुई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद और जेपीएससी की नियुक्ति परीक्षाओं का संचालन कर रही विवादित एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग लिमिटेड) द्वारा आयोजित जेपीएससी की सभी नियुक्ति परीक्षाएं रद करने की घोषणा की।
जांच रिटायर जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परीक्षाओं की जांच झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा रिटायर जज की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी करेगी। इतना ही नहीं, झारखंड में वर्ष 2014 के बाद हुई अन्य सभी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में रहेंगी। बता दें कि इन परीक्षाओं के रद होने से इसमें शामिल होने वाले लाखों छात्र प्रभावित होंगे। साथ ही सैंकड़ों लोगों की नियुक्तियां प्रभावित होंगी।
घोषणा के बाद छात्रों की नाराजगी खुशी में बदल गई
इससे पहले अपराह्न दो बजे आंदोलनरत छात्रों के साथ सरकार के प्रतिनिधि मंत्रियों की वार्ता होने वाली थी। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों की बैठक बुला लिए जाने के कारण छात्रों संग होनेवाली बैठक को अगले संदेश तक स्थगित कर दिया गया था। इसे लेकर छात्र नाराज थे, हालांकि देर शाम उनकी मांगें माने जाने तथा अनियमितता के आरोपों से घिरी नियुक्ति परीक्षाएं रद किए जाने की घोषणा के बाद छात्रों की नाराजगी खुशी में बदल गई।
देवेंद्र ने अनशन तोड़ा, एक गुट अब भी अड़ा
छात्रों ने धरनास्थल जयपाल सिंह स्टेडियम में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और इसे छात्रों की जीत बताया। सभी छात्रों ने मांगें मानने पर खुशी और आभार व्यक्त किया है। उधर, 16 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के इस फैसले के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया।
उनके गुट के सभी साथियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। दूसरी ओर जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच के छात्र नेता सीबीआइ जांच की मांग को लेकर अड़े हैं। रिफार्म मंच कोर कमेटी के विवेक पंडित ने कहा कि मंगलवार को बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
वांगचुक ने दी बधाई
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो काल के जरिये छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को बधाई दी और सरकार के फैसले को “सभी की जीत” बताया।
धरनास्थल पर छात्रों ने मनाया जश्न
छात्रों ने धरनास्थल जयपाल सिंह स्टेडियम में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और इसे छात्रों की जीत बताया। देर रात तक छात्र आंदोलन स्थल से नहीं हटे थे। उधर, सरकार की ओर से भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारियों का अनशन समाप्त कराने की भी कोशिश की जा रही थी। छात्रों ने कहा कि वह सभी निर्णयों की समीक्षा करने तथा उसके कानूनी पहलुओं को जानने-समझने के बाद आंदोलन खत्म करने या जारी रखने का निर्णय लेंगे।
जंतर मंतर के बाद छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा आंदोलन
झारखंड में सिविल सेवा समेत तमाम नियुक्तियों में भारी धांधली की जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद करने की मांग को लेकर छात्र 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। इस आंदोलन पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं।
पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र में भाजपा सरकार को घेरने वाली कांग्रेस, झामुमो, राजद आदि दल इस मामले में बैकफुट पर थे, क्योंकि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व में इन्हीं दलों के गठबंधन की सरकार है। आंदोलन के बीच छात्रों और सरकार के बीच तीन दौर की वार्ता भी हुई थी।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार समेत छात्रों की लगभग सभी मांगें मानने पर सरकार ने सहमति जताई थी, 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रद करने की सरकार ने घोषणा भी कर दी थी, लेकिन आंदोलनकारी छात्र सभी विवादित नियुक्ति परीक्षाएं रद कराने की मांग पर अड़े थे।
राहुल गांधी ने हेमंत को लिखा था पत्र
दो दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनसे खुद छात्रों से बात करने और मामले का समाधान निकालने की अपील की थी। इसके बाद सरकार सक्रिय हुई और तेजी से निर्णय लिए।
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष समेत 21 लोग गिरफ्तार
जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही झारखंड पुलिस की सीआइडी आयोग के पूर्व अध्यक्ष जे एल खियांग्ते समेत 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेपीएससी की पूर्व प्रभारी परीक्षा नियंत्रक, परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के अधिकारी व कर्मचारी, बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले कुछ कोचिंग संचालक, उनके परिचित व रिश्तेदार तथा गलत ढंग से नियुक्ति परीक्षा पास करने वाले कुछ अभ्यर्थी शामिल हैं।
सोमवार को सीआइडी ने जेएसएससी के कार्यालय व सचिव के आवास पर छापेमारी की है। साथ ही मंगलवार को सचिव सुधीर गुप्ता को पूछताछ के लिए बुलाया है।
टीडीपीएल द्वारा आयोजित ये परीक्षाएं होंगी रद
- 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा
- झारखंड पात्रता परीक्षा
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