
डिजिटल डेस्क। घरेलू रसोई गैस (LPG) के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल ऑर्डर (Gas Control Order) में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर (हाउसहोल्ड) में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा। एक से अधिक गैस कनेक्शन रखना अब पूरी तरह गैर-कानूनी और प्रतिबंधित होगा।
देश की तीनों प्रमुख सार्वजनिक तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने एक संयुक्त सार्वजनिक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं को चेताया है। सरकार 1 जून 2026 से इस नए विधिक नियम को पूरे देश में सख्ती से लागू करने जा रही है, जिससे पहले अतिरिक्त कनेक्शनों को सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
नए गैस कंट्रोल ऑर्डर के तहत 'परिवार' और 'रसोई' की विधिक परिभाषा को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित कड़े नियम तय किए गए हैं:
शहरी इलाकों में जहां पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस (PNG) पहुंच चुकी है, वहां के उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने नियमों को और कड़ा किया है, हालांकि इसमें एक व्यावहारिक विधिक छूट भी जोड़ी गई है।
सरेंडर या ट्रांसफर वाउचर की विधिक बाध्यता: जिन घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन चालू हो चुका है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नए संशोधन के तहत पीएनजी चालू होने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
हालांकि, उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए सरकार ने 'टैपिंग या ट्रांसफर वाउचर' का विकल्प दिया है। इसका फायदा यह होगा कि यदि भविष्य में उपभोक्ता किसी ऐसे क्षेत्र या शहर में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, तो वह इसी वाउचर के जरिए अपना एलपीजी कनेक्शन बिना किसी अतिरिक्त कूट शुल्क के दोबारा चालू (रिएक्टिव) करवा सकेगा।
| कूट पैरामीटर | पुरानी स्थिति | 1 जून 2026 से लागू नई विधिक व्यवस्था** |
| प्रति घर कनेक्शन सीमा | एक नाम या पते पर लोग कई कनेक्शन (विभिन्न कंपनियों के) रख लेते थे। | अधिकतम 1 कनेक्शन: एक रसोई के लिए केवल एक ही कनेक्शन वैध। अतिरिक्त मिलने पर ब्लॉक होगी सप्लाई। |
| PNG यूजर्स के लिए नियम | पीएनजी आने के बाद भी लोग बैकअप के रूप में एलपीजी सिलेंडर सालों तक दबाकर रखते थे। | पीएनजी चालू होने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी सरेंडर करना या सेफ-ट्रांसफर वाउचर लेना विधिक रूप से अनिवार्य। |
| अतिरिक्त सिलेंडर का विकल्प | अलग-अलग कंपनियों के दो सिंगल कनेक्शन। | अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने पर उसे एक ही कंपनी के डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) में बदलने की अनुमति। |
| सरेंडर करने की कूट प्रक्रिया | केवल गैस एजेंसी के चक्कर काटने होते थे। | उपभोक्ता अपने संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर या तेल कंपनियों के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन भी सरेंडर कर सकते हैं। |
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस कड़े संशोधन के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
तीनों तेल कंपनियों ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई या असुविधा से बचने के लिए 1 जून की समय-सीमा से पहले अपने नजदीकी डीलर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अतिरिक्त गैस कनेक्शन सरेंडर करने की विधिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर लें।
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