दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, ISI और अंडरवर्ल्ड से जुड़े 9 संदिग्ध गिरफ्तार; निशाने पर थे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट
दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 30 May 2026 02:53:32 PM (IST)Updated Date: Sat, 30 May 2026 02:53:32 PM (IST)
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम( एआई फोटो)HighLights
- दिल्ली समेत चार राज्यों में कार्रवाई, 9 संदिग्ध गिरफ्तार
- विदेशी हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की आशंका
डिजिटल डेस्क। दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। स्पेशल सेल की यह कार्रवाई हाल के वर्षों की बड़ी आतंकवाद-रोधी उपलब्धियों में मानी जा रही है।
क्या है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि नेटवर्क का एक हिस्सा अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों के प्रभाव में सक्रिय था, जबकि दूसरे हिस्से का संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था।
इन जगहों पर की गई कार्रवाई
दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और पंजाब में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से विदेशी हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ सामग्री सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि नेटवर्क देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की तैयारी में था। संभावित लक्ष्यों में ऊर्जा संयंत्र, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों से जुड़े ठिकानों पर भी खतरे की आशंका को लेकर जांच की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल
फिलहाल एजेंसियां नेटवर्क की फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। मामले से जुड़े तथ्यों का विस्तृत खुलासा स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रेस ब्रीफिंग में किए जाने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल करने वाली कार्रवाई मान रही हैं।
यह भी पढ़ें- देश में बाल विवाह में पश्चिम बंगाल टॉप पर, एमपी-छत्तीसगढ़ भी इस लिस्ट में शामिल, SRS रिपोर्ट में खुलासा