
डिजिटस डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार सप्तमी की शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मची अफरातफरी और भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां कुछ लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त क्षेत्र में मुसलाधार बारिश हो रही थी। बारिश से बचने और प्रतिमा दर्शन के लिए अचानक पंडाल के भीतर लोगों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। बताया जा रहा है कि भीड़ के भारी दबाव के कारण पंडाल के ढांचे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।
हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा के लिहाज से पंडाल की बिजली बंद कर दी गई। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और राहत कार्य शुरू किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का भी दौरा किया। फिलहाल सुरक्षा कारणों से दर्शनार्थियों के लिए पूजा पंडाल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि हादसे में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
The Prime Minister has announced an ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each of those who lost their lives. The injured would be given Rs. 50,000.
— PMO India (@PMOIndia) October 17, 2026
दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री स्थिति का जायजा लेने और घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने घटना की जवाबदेही तय करने के लिए पूजा समिति के आयोजकों को थाने तलब किया है।
पूजा समिति के आयोजक विकास दास ने बताया कि घटना की मुख्य वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने पर केंद्रित है।
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हादसे के बाद राहत और सहायता कार्यों को गति देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक विशेष टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नागरिक किसी भी प्रकार की आपातकालीन जानकारी या सहायता के लिए 18003455678 पर संपर्क कर सकते हैं।
गौरतलब है कि इस वर्ष चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने ‘आर्ब’ (ध्वनि से परे) थीम पर 360-डिग्री अवधारणा वाला अनूठा पंडाल तैयार किया था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे।