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मोदी सरकार ने 10 और 20 रुपये के एक-एक अरब प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 10 और 20 रुपये मूल्यवर्ग के एक-एक अरब प्लास्टिक (पॉलिमर) बैंक नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए प्रचलन में लाने की मंजूरी दे दी है।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 07:16:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 07:17:22 PM (IST)
मोदी सरकार ने 10 और 20 रुपये के एक-एक अरब प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी

HighLights

  1. सीतारमण ने राज्यसभा में सवाल के लिखित जवाब में जानकारी दी
  2. 2025-26 में औसत खुदरा महंगाई घटकर 2.1 प्रतिशत रही
  3. सरकार ने जीएसटी और बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 10 और 20 रुपये मूल्यवर्ग के एक-एक अरब प्लास्टिक (पॉलिमर) बैंक नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए प्रचलन में लाने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद आरबीआई एक्ट, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था।

पॉलिमर नोट कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ

प्रस्ताव में 10 और 20 रुपये के एक-एक अरब पॉलिमर बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल करने की बात कही गई थी। ट्रायल सफल रहने पर इन दोनों मूल्यवर्गों के पॉलिमर नोटों को नियमित रूप से जारी किया जा सकेगा। पॉलिमर नोट कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माने जाते हैं और इनमें सुरक्षा संबंधी कुछ अतिरिक्त विशेषताएं भी शामिल की जा सकती हैं।


खुदरा महंगाई 2.1 प्रतिशत तक घटी

एक अन्य सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से मापी गई औसत खुदरा महंगाई 2023-24 में 5.4 प्रतिशत थी, जो घटकर 2024-25 में 4.6 प्रतिशत और 2025-26 में 2.1 प्रतिशत रह गई। हालांकि, 2026-27 की पहली तिमाही में यह बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई।

उन्होंने इसके लिए पश्चिम एशिया संकट के कारण कमोडिटी और ऊर्जा कीमतों में उछाल, सब्जियों की मौसमी महंगाई और अल-नीनो की आशंका को प्रमुख कारण बताया। इसके बावजूद महंगाई दर आरबीआई के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रही।

जीएसटी और सीमा शुल्क में बदलाव

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में जीएसटी ढांचे को तर्कसंगत बनाया गया है। इसके तहत मानक दर 18 प्रतिशत, मेरिट रेट पांच प्रतिशत और कुछ चुनिंदा वस्तुओं व सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत की विशेष डी-मेरिट दर रखी गई है। कई वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत, 18 से 12 या पांच प्रतिशत तथा 12 से पांच या शून्य प्रतिशत किया गया है।

बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को भी तर्कसंगत बनाया

सरकार ने इनपुट लागत कम करने, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई वस्तुओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (बीसीडी) को भी तर्कसंगत बनाया है। इसके अलावा क्रूड पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर बीसीडी में कटौती तथा मसूर पर कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर में कमी जैसे कदम उठाए गए हैं।

12 लाख तक की आय पर कर छूट

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को आयकर से मुक्त किया है। वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती के बाद यह सीमा 12.75 लाख रुपये है। इससे लोगों की खर्च करने योग्य आय बढ़ी है और घरेलू खपत को समर्थन मिला है।

सरकार के अनुसार, 2025-26 में प्रति व्यक्ति निजी अंतिम उपभोग व्यय में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2023-24 में यह वृद्धि 4.8 प्रतिशत थी।

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