• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

अपना सिम दूसरे को देना पड़ सकता है भारी... तीन साल की जेल, 50 लाख तक जुर्माना, DoT की चेतावनी जारी

छत्तीसगढ़ में बिना सहमति के 25 सिम एक्टिव करने पर पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 08:09:55 AM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 08:09:55 AM (IST)
अपना सिम दूसरे को देना पड़ सकता है भारी... तीन साल की जेल, 50 लाख तक जुर्माना,  DoT की चेतावनी जारी
सिम के दुरुपयोग पर दूरसंचार विभाग सख्त (AI Generated Image)

HighLights

  1. फर्जी सिम पर 3 साल जेल, 50 लाख जुर्माना
  2. छत्तीसगढ़ में 25 फर्जी सिम पकड़ी गईं
  3. DIP प्लेटफॉर्म से पकड़ी गई धोखाधड़ी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यदि मोबाइल सिम कार्ड का दुरुपयोग किया तो खैर नहीं। न केवल तीन साल की कठोर सजा भुगतनी पड़ सकती है बल्कि 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। हाल ही में छत्तीसगढ़ में फर्जी सिम कार्ड मिलने के बाद दूरसंचार विभाग (DoT) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। वहां लोगों की आईडी से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी या सहमति के बिना यानी धोखाधड़ी से मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए थे।

छत्तीसगढ़ में 25 फर्जी सिम, एजेंट ब्लैकलिस्ट

दूरसंचार विभाग के अनुसार, राज्य में एक प्वाइंट ऑफ सेल (POS) एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके बिना उनकी जानकारी के 25 सिम कार्ड सक्रिय किए। विभाग ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया, उस आउटलेट को भविष्य में मोबाइल कनेक्शन जारी करने से हमेशा के लिए रोक दिया गया।


विभाग ने बताया कि इन 25 मोबाइल नंबरों की जांच डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के माध्यम से की गई, जो DoT द्वारा संदिग्ध दूरसंचार गतिविधियों का पता लगाने के लिए विकसित किया गया है। संभावित धोखाधड़ी के रूप में पहचाने गए मोबाइल कनेक्शनों को पुनः सत्यापन के लिए रखा गया। लेकिन यह नंबर सत्यापन प्रक्रिया में विफल रहे। इसके चलते उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।

साइबर अपराध के बीच आई एडवाइजरी

दूरसंचार विभाग की यह एडवाइजरी साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में टेलीकॉम संसाधनों के गलत इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जारी की गई है। देशभर में मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षा और संचार नेटवर्क की अखंडता बनाए रखने के लिए दूरसंचार नियमों के सख्त अनुपालन की जरूरत पर जोर दिया है।

DoT ने सार्वजनिक सलाह जारी करते हुए दोहराया कि धोखाधड़ी से सिम कार्ड जारी करना, टेलीकॉम आइडेंटिफायर का दुरुपयोग और इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) नंबरों में छेड़छाड़ करना दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत गंभीर अपराध हैं। विभाग ने कहा कि ऐसे उल्लंघनों के लिए तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के वित्तीय दंड हो सकते हैं।