अब एक मिनट में बुक होंगे 1.5 लाख रेल टिकट, कंफर्म सीट मिलने की बढ़ेगी संभावना, एयरलाइन की तर्ज पर सीट और बर्थ चुनने की मिलेगी सुविधा
भारतीय रेलवे यात्रियों को तेज और बेहतर टिकट बुकिंग सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रेलवे के नए नेक्स्ट जेनरेशन पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम ( ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 12:27:20 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 12:30:30 PM (IST)
HighLights
- PRS लागू होने के बाद टिकट बुकिंग की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी
- रेलवे की नई तकनीक चरणबद्ध तरीके से स्टेशनों पर लागू की जा रही
- अधिक रेल यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों को तेज और बेहतर टिकट बुकिंग सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रेलवे के नए नेक्स्ट जेनरेशन पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत एक मिनट में 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक किए जा सकेंगे, जबकि वर्तमान में यह क्षमता करीब 32 हजार टिकट प्रति मिनट है।
नई तकनीक चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही
रेलवे की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) देशभर के रेलवे स्टेशनों पर स्थापित पीआरएस सिस्टम को अपग्रेड कर रही है। सभी प्रमुख स्टेशनों पर यह नई तकनीक चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है।
टिकट बुकिंग प्रक्रिया होगी अधिक तेज
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम के जरिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी होगी। इसके साथ ही पूछताछ सेवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। वर्तमान में जहां एक मिनट में लगभग चार लाख पूछताछ का जवाब दिया जा सकता है। वहीं नई प्रणाली 40 लाख से अधिक सक्रिय पूछताछ को एक साथ संभालने में सक्षम होगी।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नेक्स्ट जेनरेशन पीआरएस के लागू होने के बाद यात्रियों को एयरलाइन की तर्ज पर सीट और बर्थ चुनने की सुविधा मिलेगी। यात्री रियल टाइम में उपलब्ध सीटों की जानकारी देखकर अपनी पसंद की सीट का चयन कर सकेंगे। इसके अलावा आरक्षण चार्ट भी ट्रेन रवाना होने से करीब आठ घंटे पहले तैयार किया जा सकेगा, जिससे सीटों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
रेलवे का मानना है कि टिकट बुकिंग की बढ़ी हुई क्षमता से काउंटरों पर लंबी कतारें कम होंगी और अधिक यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे तत्काल टिकटों पर दलालों और एजेंटों की पकड़ भी कमजोर पड़ सकती है।
नई पीआरएस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
- एक मिनट में 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने की क्षमता।
- 40 लाख से अधिक समवर्ती पूछताछ को संभालने की सुविधा।
- रियल टाइम सीट और बर्थ चयन की व्यवस्था।
- ट्रेन प्रस्थान से 8 घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने की क्षमता।
- तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार और डिजिलॉकर आधारित सत्यापन।
- बहुभाषी और आसान यूजर इंटरफेस।
- दिव्यांगजन, छात्रों और मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं।
- एआई आधारित स्मार्ट वेटिंग लिस्ट सिस्टम, जो टिकट कंफर्म होने की संभावना का सटीक अनुमान बताएगा।
रेलवे का यह तकनीकी उन्नयन देश के करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग अनुभव को पहले से अधिक तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।