
डिजिटल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के अशांत क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ जारी मुहिम में सुरक्षा बलों को शनिवार को एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। किश्तवाड़ जिले के चतरू वन क्षेत्र में सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने एक साझा 'ऑपरेशन त्राशी-1' चलाया। इस दौरान हुई भीषण मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सटीक रणनीति से सुरक्षा बलों ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। ऑपरेशन त्रासी में जैश आतंकी सैफुल्लाह और उसके दो साथी ढेर हो गया है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाकों में शनिवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। चतरू वन क्षेत्र में चले इस लंबे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने दो खतरनाक आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है। यह वही क्षेत्र है जहाँ पिछले महीने एक सैनिक ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
सुरक्षा एजेंसियों को आईबी (IB), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के अपने विशेष सूत्रों से क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी के पुख्ता इनपुट मिले थे। इन सूचनाओं के आधार पर 'ऑपरेशन त्राशी-1' की रूपरेखा तैयार की गई। व्हाइट नाइट कॉर्प्स की सीआईएफ डेल्टा इकाई ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर शनिवार सुबह करीब 11 बजे चतरू के सघन वन क्षेत्र में घेराबंदी शुरू की।
STORY | 3 JeM terrorists killed in Kishtwar encounter; Army reaffirms resolve for terror-free J&K
Three members of the Pakistan-based Jaish-e-Mohammad (JeM) terror outfit were killed in an encounter with security forces in Jammu and Kashmir's Kishtwar district on Sunday,… pic.twitter.com/rRyzT54cz6
— Press Trust of India (@PTI_News) February 22, 2026
जैसे ही सुरक्षा बल आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकियों ने गोलाबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दोनों आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल की तलाशी लेने पर सुरक्षा बलों को युद्ध जैसे साजो-सामान मिले हैं, जिनमें दो एके-47 (AK-47) राइफलें और भारी मात्रा में गोला-बारूद शामिल है। सटीक समन्वय और बेहतर रणनीति के कारण सुरक्षा बलों को बिना किसी बड़े नुकसान के यह सफलता हाथ लगी है।
दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों का फायदा उठाकर अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए फिलहाल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को किश्तवाड़ क्षेत्र में आतंकवाद की कमर तोड़ने वाली एक बड़ी सफलता बताया है। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।