
डिजिटल डेस्क। लोकप्रिय ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने अपने ग्राहकों की सेहत और भोजन की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनालॉग डेयरी (कृत्रिम या पाम ऑयल से बने पनीर, मलाई व मक्खन के विकल्प) से तैयार व्यंजनों की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही जोमैटो ने पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत हैदराबाद स्थित अपने सपोर्ट सेंटर से करीब 250 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
जोमैटो द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने अपने खाने में एनालॉग डेयरी के उपयोग की बात स्वीकार की थी, उन्हें प्लेटफॉर्म से तुरंत प्रभाव से हटा (डीलिस्ट) दिया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों से समझौते को लेकर उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। ग्राहकों को मिलने वाले भोजन में पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।
कंपनी के फैसले पर प्रकाश डालते हुए जोमैटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आदित्य मंगला ने बताया कि संस्था का प्राथमिक उद्देश्य उपभोक्ताओं तक स्वच्छ, शुद्ध और पौष्टिक आहार पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट्स द्वारा परोसे जाने वाले खाने के मानकों को बेहतर बनाना कंपनी की नैतिक जिम्मेदारी है। जोमैटो इस नई व्यवस्था को केवल उन्हीं पार्टनर रेस्टोरेंट्स के साथ आगे बढ़ाएगा जो ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के इस विजन में उनका साथ देने को तैयार हैं।
कंपनी ने प्लेटफॉर्म से जुड़े सभी रेस्टोरेंट्स को कड़े निर्देश जारी करते हुए निम्नलिखित कदम उठाने को कहा है:
नीतिगत बदलावों के बीच जोमैटो से जुड़ी एक और बड़ी खबर आई है। कंपनी ने अपनी आंतरिक पुनर्गठन (Restructuring) योजना के तहत हैदराबाद स्थित अपने कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशंस को बंद कर दिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फैसले के कारण लगभग 250 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। पिछले छह महीनों के दौरान जोमैटो ने अपने ग्राहक सेवा मॉडल में बदलाव करते हुए सपोर्ट से जुड़े अधिकांश कार्यों को बाहरी थर्ड-पार्टी एजेंसियों को आउटसोर्स करना शुरू कर दिया है।