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Monsoon Session 2026: इनकम टैक्स से शिक्षा व्यवस्था तक बदल सकते हैं कई नियम, सरकार के इन 7 बड़े बिल पर रहेगी सबकी नजर

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो गया है। सरकार इस सत्र में सात अहम विधेयकों पर आगे बढ़ सकती है।

By Akash SharmaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 01:12:25 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 01:16:19 PM (IST)
Monsoon Session 2026: इनकम टैक्स से शिक्षा व्यवस्था तक बदल सकते हैं कई नियम, सरकार के इन 7 बड़े बिल पर रहेगी सबकी नजर
Parliament Monsoon Session 2026: संसद में पेश हो सकते हैं सात बड़े बिल (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एफसीआरए संशोधन बिल फिर से चर्चा में आएगा
  2. सुप्रीम कोर्ट में जज बढ़ाने का प्रस्ताव संभव
  3. MSME और शिक्षा सुधार से जुड़े बदलाव प्रस्तावित

डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर लोकसभा में हंगामा किया और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए सदन के वेल तक पहुंच गया। दूसरी ओर, सरकार ने इस सत्र के लिए अपना विधायी एजेंडा तैयार कर लिया है।

सरकार का मुख्य फोकस सात महत्वपूर्ण विधेयकों पर रहने की संभावना है, जिनका असर टैक्स व्यवस्था, न्यायपालिका, शिक्षा, राष्ट्रीय सम्मान, विदेशी चंदा नियमन और एमएसएमई सेक्टर सहित कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

इनकम टैक्स संशोधन बिल 2026 पर सबसे ज्यादा नजर

मानसून सत्र में सबसे अधिक चर्चा Income-tax (Amendment) Bill, 2026 को लेकर होने की संभावना है। यह विधेयक एक अध्यादेश का स्थान लेने के लिए लाया जा सकता है। देश में करोड़ों लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं और टैक्स नियमों का पालन करते हैं। ऐसे में आयकर कानून में किसी भी बदलाव का सीधा असर वेतनभोगी कर्मचारियों, निवेशकों, कारोबारियों और टैक्स विशेषज्ञों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि इस विधेयक पर सभी की खास नजर रहेगी।


MSME सेक्टर के लिए भी अहम हो सकता है नया संशोधन

सरकार Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2026 भी पेश कर सकती है। एमएसएमई सेक्टर को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि यह करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। प्रस्तावित संशोधन से छोटे और मध्यम उद्योगों से जुड़े नियमों में बदलाव संभव है, जिसका असर उद्योग जगत और उद्यमियों पर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव

सरकार Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 भी सदन में ला सकती है। यह विधेयक भी एक अध्यादेश की जगह लाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करना है। माना जा रहा है कि इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिल सकती है।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली में बदलाव की तैयारी

संसद में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 भी पेश किया जा सकता है। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रभावी और व्यवस्थित बनाना माना जा रहा है। हालांकि इसके विस्तृत प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन संभव

सरकार Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 भी ला सकती है। यह कानून राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों को नियंत्रित करता है। प्रस्तावित संशोधन के जरिए इसमें कुछ कानूनी बदलाव किए जाने की संभावना है। इसी से जुड़ा वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने का प्रस्ताव भी सरकार के विधायी एजेंडे में शामिल है।

विदेशी चंदा कानून (FCRA) में संशोधन पर भी रहेगी नजर

सरकार Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 पर भी आगे बढ़ सकती है। यह विधेयक 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया जा चुका है। मॉनसून सत्र में इस पर आगे की चर्चा और विचार संभव है। विदेशी चंदे के नियमन से जुड़ा यह कानून गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

उच्च शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव

सरकार विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025 पर भी विचार कर सकती है। यह विधेयक 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और बाद में संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था। इस बिल का उद्देश्य देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना माना जा रहा है। मॉनसून सत्र में इस पर भी आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

यह भी पढ़ें- अब वंदे मातरम् के अपमान पर मिलेगी 3 साल तक की सजा, मानसून सत्र के पहले दिन संसद में आएगा नया विधेयक

The five new bills that the government is likely to take up during the Eighth Session of Eighteenth Lok Sabha:

1. The Income-tax (Amendment) Bill, 2026. (To replace an Ordinance)

2. The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 (To replace an Ordinance)

3. The… pic.twitter.com/8zfyTdGGXR

— ANI (@ANI) July 17, 2026

सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा

मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने इस मामले पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया और सदन के वेल तक पहुंच गए। वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोज जनता पार्टी के समर्थकों के संसद मार्च पर भी नजर रही। दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

सरकार की रणनीति तैयार

सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की रणनीति पर भी काम कर रही है। इसे लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बैठक आयोजित की गई। माना जा रहा है कि मॉनसून सत्र के दौरान सरकार इन सात प्रमुख विधेयकों को प्राथमिकता देते हुए संसद में आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी। इनमें टैक्स व्यवस्था, न्यायपालिका, शिक्षा, विदेशी चंदा नियमन, राष्ट्रीय सम्मान और एमएसएमई सेक्टर से जुड़े प्रस्ताव सबसे अधिक चर्चा में रहने की संभावना है।