
डिजिटल डेस्क, नईधदुनिया। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच सोमवार सुबह वैश्विक तेल बाजार से राहत भरी खबर सामने आई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट (Petrol Diesel Rate Cut) दर्ज की गई। इसका असर आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
रविवार को ब्रेंट क्रूड (Crude Oil Price) की कीमत में 3.9 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी क्रूड ऑयल करीब 4.8 प्रतिशत टूटकर लगभग 81 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेल सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने से कीमतों में नरमी आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के फिर से खोल दिया जाएगा और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तत्काल हटाई जाएगी।
ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि दुनिया भर के जहाज अब फिर से सामान्य रूप से तेल परिवहन कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई और कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज हुई।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल शिपमेंट का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के बाद यह मार्ग प्रभावित हो गया था।
ईरान के एक सांसद के अनुसार, कई कमर्शियल जहाजों को इस मार्ग से गुजरने के लिए औसतन करीब 2 मिलियन डॉलर तक का भुगतान करना पड़ रहा था। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि अगर यह संकट लंबा चलता तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती थीं।
Deal on ending Iran war sends stock prices in Asian soaring, while oil prices slip more than $3, reports AP. pic.twitter.com/wrH9pvCNsg
— Press Trust of India (@PTI_News) June 15, 2026
ट्रंप का यह एलान उनके 80वें जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में आयोजित UFC कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले आया। पाकिस्तान समेत कई देशों की मध्यस्थता के बाद यह समझौता संभव हो पाया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहन बातचीत के बाद शांति समझौते पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष लेबनान समेत सभी क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।