
डिजिटल डेस्क। नौकरी बदलने के बाद कर्मचारियों के सामने सबसे आम सवालों में से एक होता है कि पुराने पीएफ (Provident Fund) खाते का क्या किया जाए। कई लोग नई कंपनी में जॉइन करने के बाद पुराने खाते का पैसा निकाल लेते हैं, जबकि विशेषज्ञ ऐसा करने के बजाय उसे नए पीएफ खाते में ट्रांसफर करने की सलाह देते हैं।
इससे आपके रिटायरमेंट फंड की निरंतरता बनी रहती है। भविष्य में पेंशन, पीएफ निकासी और अन्य ईपीएफओ (EPFO) सुविधाओं का लाभ लेने में भी आसानी होती है। अच्छी बात यह है कि अब पीएफ ट्रांसफर के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रोसेस घर बैठे ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
अगर, आपने नौकरी बदल ली है। नई कंपनी में आपका नया पीएफ अकाउंट खुल गया है, तो पुराने खाते का बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर कर देना बेहतर ऑप्शन माना जाता है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों कंपनियों में आपका एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) लिंक हो और वह सक्रिय हो।
पीएफ ट्रांसफर के लिए आपका यूएएन एक्टिव होना चाहिए। साथ ही आधार, पैन और बैंक खाता यूएएन से लिंक होना जरूरी है। केवाईसी पूरी होनी चाहिए और दोनों नियोक्ताओं की जानकारी EPFO रिकॉर्ड में सही दर्ज होनी चाहिए। यदि किसी कर्मचारी के एक से अधिक यूएएन बन गए हैं, तो पहले उन्हें मर्ज कराना आवश्यक है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद आमतौर पर 7 से 20 दिनों के भीतर पीएफ ट्रांसफर की प्रोसेस पूरी हो जाती है। आवेदन की स्थिति EPFO के Track Claim Status विकल्प या UMANG ऐप के माध्यम से भी देखी जा सकती है। समय पर पीएफ ट्रांसफर कराने से ब्याज का लाभ लगातार मिलता रहता है और रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली राशि भी सुरक्षित रहती है।