किसानों की बल्ले-बल्ले... 17 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार, पीएम किसान योजना को 5 साल का विस्तार
कैबिनेट बैठक में लिए गए इन फैसलों के तहत जहां एक तरफ 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' को अगले 5 सालों के लिए विस्तार दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 03:50:52 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 03:50:52 PM (IST)
पीएम किसान योजना को 5 साल का विस्तार (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)HighLights
- पीएम किसान योजना 2031 तक बढ़ी, 3.15 लाख करोड़ स्वीकृत
- पीएम सूर्य सरोवर योजना मंजूर, 5000 MW ऊर्जा का होगा विकास
- ग्रीन एनर्जी से 17 हजार युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के जारी मानसून सत्र के बीच केंद्र सरकार ने देश के किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के हित में कई दूरगामी निर्णय लिए हैं। कैबिनेट बैठक में लिए गए इन फैसलों के तहत जहां एक तरफ 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' को अगले 5 सालों के लिए विस्तार दिया गया है, वहीं दूसरी ओर 'पीएम सूर्य सरोवर योजना' को हरी झंडी दिखाकर हरित ऊर्जा और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
पीएम किसान निधि को मिला विस्तार, ₹3.15 लाख करोड़ का बजट मंजूर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' को वर्ष 2026-27 से आगे बढ़ाते हुए 2030-31 तक जारी रखने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दे दी है। सरकार ने आगामी 5 वर्षों के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना हेतु ₹3.15 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस फैसले के बाद पात्र किसान परिवारों को पहले की तरह ही हर साल ₹6,000 की वित्तीय सहायता किस्तों के रूप में मिलती रहेगी।
'पीएम सूर्य सरोवर योजना' को मिली हरी झंडी
ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' (PM-SSY) को भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं...
- बजट एवं क्षमता: ₹5,070 करोड़ के आवंटन के साथ जल निकायों पर 5,000 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग (तैरते हुए) सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे।
- एनर्जी स्टोरेज: इस प्रणाली में कम से कम 2 घंटे (10,000 MWh) की ऊर्जा भंडारण क्षमता (Battery Storage) भी शामिल होगी।
- संभावनाएं: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) के आंकलन के अनुसार, भारत के प्रमुख जलाशयों में लगभग 102.18 गीगावाट तैरती सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मौजूद है।
17,000 रोजगार के अवसर और पर्यावरण सुरक्षा
पीएम सूर्य सरोवर योजना न केवल पर्यावरण सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देगी:
- पर्यावरण लाभ: इससे प्रतिवर्ष लगभग 10 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है।
- रोजगार सृजन: इस पूरी परियोजना के माध्यम से लगभग 16,000 से 17,000 नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा: इससे देश के भीतर ही पीवी सेल, सोलर मॉड्यूल, फ्लोटेशन सिस्टम और एनर्जी स्टोरेज डिवाइस के मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।
- इस योजना का विस्तार देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा, जिससे भारत की वर्तमान तैरती सौर ऊर्जा क्षमता 700 मेगावाट से बढ़कर सीधे 5,000 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में टोल टैक्स महंगा... 10 प्लाजा पर 5 से 10 रुपये बढ़ा रेट, जानिए कहां-कहां लागू हुईं नई दरें