
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट (Crude Oil Crisis) के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से कड़े कदम उठाने और संयम बरतने की अपील की है। विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए पीएम ने नागरिकों से गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने का आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक बड़ा और चौंकाने वाला सुझाव देते हुए कहा, "मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना न खरीदें।" पीएम ने तर्क दिया कि सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक दबाव को देखते हुए, देश की वित्तीय स्थिति को स्थिर रखने के लिए नागरिकों को व्यक्तिगत स्तर पर यह बड़ा कदम उठाना चाहिए।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और खपत पर अंकुश लगाने के लिए पीएम मोदी ने कंपनियों और कर्मचारियों से 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) की व्यवस्था को फिर से शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा...
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि युद्ध और अस्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे माल और तेल की लागत बढ़ गई है। ऐसे में देश के संसाधनों को बचाने के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है। सरकार का प्रयास है कि आयात पर निर्भरता कम की जाए ताकि देश का पैसा बाहर न जाए और महंगाई पर नियंत्रण बना रहे।
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