नोटों की माला, डांस और पार्टी... पुणे पोर्श कांड के आरोपी 22 महीने बाद जमानत पर छूटे, तो मनाया जश्न
पुणे पोर्शे कांड का आरोपी शामिल अग्रवाल पार्टी वीडियो वायरल होने के बाद फिर विवादों में है। नोटों की माला पहनकर डांस करने पर सोशल मीडिया में लोगों का ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 27 May 2026 04:06:54 PM (IST)Updated Date: Wed, 27 May 2026 04:06:54 PM (IST)
पुणे के चर्चित पोर्शे एक्सीडेंट का मामला।HighLights
- पोर्शे कांड आरोपी का पार्टी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- आरोपी नोटों की माला पहनकर गाने पर डांस करता दिखा।
- वीडियो में आरोपी का परिवार भी पार्टी करता नजर आया।
डिजिटल डेस्क। पुणे के चर्चित पोर्शे एक्सीडेंट मामले का आरोपी शामिल अग्रवाल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हाल ही में जमानत पर रिहा हुए आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने पिता और परिवार के साथ पार्टी करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि दो लोगों की मौत के आरोपी के परिवार में आखिर जश्न किस बात का मनाया जा रहा है।
नोटों की माला पहनकर डांस करता दिखा आरोपी
- वायरल वीडियो में शामिल अग्रवाल गले में नोटों की माला पहने नजर आ रहा है। बैकग्राउंड में ‘मुंबई से आया मेरा दोस्त’ गाना तेज आवाज में बज रहा है और आरोपी गाने पर डांस करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसके पिता विशाल अग्रवाल भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नाचते दिख रहे हैं।
- वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे पीड़ित परिवारों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार बताया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यह वीडियो न्याय व्यवस्था और कानून के डर पर सवाल खड़े करता है।
परिवार पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोप
- गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और मां पर भी गंभीर आरोप लगे थे। उन पर बेटे के ब्लड सैंपल में कथित हेरफेर कराने और ड्राइवर पर दुर्घटना का आरोप लेने का दबाव बनाने के आरोप में कार्रवाई हुई थी।
यह हादसा मई 2024 में पुणे के कल्याणी नगर इलाके में हुआ था, जब कथित रूप से शराब के नशे में पोर्श कार चला रहे नाबालिग ने बाइक सवार दो इंजीनियरों अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को कुचल दिया था। सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने विशाल अग्रवाल को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आरोपी लंबे समय से जेल में है और उसने जमानत के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए हैं। हालांकि अदालत ने गवाहों से संपर्क नहीं करने की सख्त शर्त भी लगाई थी।
देशभर में हुआ था आक्रोश
19 मई 2024 को हुए इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। शुरुआती दौर में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को कुछ ही घंटों में जमानत दे दी थी, जिसके बाद देशभर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। उसके बाद में बढ़ते दबाव के बीच आरोपी को ऑब्जर्वेशन होम भेजा था।