कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? बन सकती हैं देश की पहली LGBTQ सांसद, TMC के दांव से सियासी गलियारों में हलचल!
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 28 Feb 2026 02:18:14 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Feb 2026 02:18:14 PM (IST)
कौन हैं मेनका गुरुस्वामीHighLights
- टीएमसी ने मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया
- धारा 377 मामले में अहम भूमिका निभा चुकी हैं
- जीतने पर पहली LGBTQ राज्यसभा सदस्य बन सकती हैं
डिजिटल डेस्क। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।गुरुस्वामी के अलावा टीएमसी ने केंद्रीय मंत्री रह चुके बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार और अभिनेत्री कोएल मल्लिक को भी उम्मीदवार बनाया है।
यदि मेनका गुरुस्वामी चुनाव जीतती हैं तो वे देश की पहली LGBTQ समुदाय से आने वाली राज्यसभा सदस्य बन सकती हैं।
धारा 377 मामले से मिली पहचान
मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं। उन्होंने उस ऐतिहासिक संवैधानिक मामले में पैरवी की थी, जिसके परिणामस्वरूप 2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को निरस्त किया गया और समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1997 में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ की। वे उन्हें अपना मार्गदर्शक मानती हैं। किरण मनराल की पुस्तक ‘राइजिंग: 30 वीमेन हू चेंज्ड इंडिया’ में भी उनका नाम शामिल है।
ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड से पढ़ाई
मेनका गुरुस्वामी ने 2001 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से सिविल लॉ (BCL) में डिग्री हासिल की और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से लॉ में मास्टर्स (LLM) किया। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित डेविस पोल्क एंड वार्डवेल में एसोसिएट के रूप में काम किया।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रोड्स हाउस के मिलनर हॉल में उनका पोर्ट्रेट लगाया गया है। यह सम्मान पाने वाली वे पहली भारतीय और विश्व की दूसरी महिला हैं।
100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल
पढ़ाई पूरी करने के बाद वे भारत लौट आईं और नई दिल्ली में वकालत शुरू की। उन्हें फॉरेन पॉलिसी मैगजीन की 2019 की 100 प्रभावशाली वैश्विक विचारकों की सूची और टाइम मैगजीन की 2019 की 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में भी शामिल किया गया था।