रिटायर होने जा रहे 18000 अग्निवीरों को राहत, 2 साल का एक्सटेंशन देकर सरकार ने खोले स्थायी सेवा के रास्ते
सरकार ने अग्निवीरों के सेवाकाल को चार से बढ़ाकर छह साल कर दिया है। 25% मेरिट पर नियमित होंगे, जबकि 75% को दो साल का अतिरिक्त मौका मिलेगा।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 04:09:43 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 04:09:43 PM (IST)
दिसंबर में रिटायर होने वाले 18 हजार अग्निवीरों को राहत। (एजेंसी)HighLights
- अग्निवीरों का सेवाकाल चार से बढ़ाकर छह साल किया।
- 25 प्रतिशत अग्निवीर मेरिट के आधार पर नियमित होंगे।
- बचे हुए 75 प्रतिशत को दो साल की अतिरिक्त सेवा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं दे रहे अग्निवीरों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने ऐलान किया है कि अग्निवीरों के कार्यकाल को दो साल के लिए बढ़ाया जा रहा है।
यानी अब जो अग्निवीर 4 साल बाद रिटायर होने वाले थे, वे कुल 6 साल तक देश की सेवा कर सकेंगे। सरकार के इस बड़े कदम से न सिर्फ युवाओं को सेना में लंबे समय तक काम करने का मौका मिलेगा, बल्कि भविष्य में परमानेंट होने के रास्ते भी खुल जाएंगे। कैबिनेट ने इस नए बदलाव को अपनी मंजूरी दे दी है।
75 फीसदी जवानों को 2 साल का एक्सटेंशन
- अग्निपथ योजना के तहत अब तक यह नियम था कि 4 साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में रख लिया जाएगा, जबकि बाकी 75 फीसदी को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन नए फैसले के तहत अब इन 75 प्रतिशत युवाओं को दो साल की अतिरिक्त सेवा का ऑफर दिया जाएगा।
- सबसे अहम बात यह है कि इस 2 साल की बढ़ाई गई अवधि के बाद भी अगर जवान सेना में बने रहना चाहते हैं और वे चयन के सभी मानकों पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें भी सशस्त्र बलों में नियमित (Permanent) रूप से शामिल कर लिया जाएगा।
वेतन और 'सेवा निधि' में होगा बड़ा इजाफा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीडीएस ने बताया कि जिन अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया जाएगा, उन्हें आर्थिक तौर पर भी काफी फायदा होगा। इस विस्तारित अवधि में जवानों को ज्यादा वेतन (पारितोषिक) दिया जाएगा और जब वे 6 साल बाद रिटायर होंगे, तो उन्हें मिलने वाली 'विस्तारित सेवा निधि' का पैकेज भी कहीं ज्यादा होगा।
शानदार फीडबैक और अनुशासन के बाद कैबिनेट की मुहर
- 14 जून 2022 को लागू हुई अग्निपथ योजना की लगातार समीक्षा की जा रही थी। सीडीएस ने बताया कि पिछले पौने चार सालों में अग्निवीरों का अनुशासन, हौसला और फिजिकल फिटनेस बेहद उच्च स्तर का रहा है। सेना में अब देश के हर जिले से युवा आ रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए पहले लिखित परीक्षा और फिर फिजिकल टेस्ट लिया जा रहा है।
- इसके साथ ही 10वीं पास कर सेना में आए अग्निवीरों को आगे की पढ़ाई भी करवाई जा रही है। जवानों के इसी सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए ही कैबिनेट ने सेवा विस्तार के फैसले पर अपनी मुहर लगाई है।
दिसंबर 2026 में रिटायर होने वाले थे 18 हजार से ज्यादा जवान
- सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही समय पर आया है, क्योंकि सेना के तीनों अंग नवंबर-दिसंबर 2026 में पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को बाहर करने की तैयारी कर रहे थे।
- आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले बैच में कुल 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे, जिनमें से करीब 18,300 जवानों का 4 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में पूरा हो रहा था। गौरतलब है कि पिछले महीने ही भारतीय वायुसेना ने अपने पहले 'अग्निवीर वायु' बैच के 2,850 जवानों में से 712 को नियमित सेवा में बरकरार रखने का फैसला किया था।
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