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भोजशाला मामले की रोजाना सुनवाई करने और विवाद सुलझाने के लिए तैयार, दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

Dhar Bhojshala dispute: भोजशाला एक संवेदनशील मामला है। इसलिए हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से धैर्य रखने को कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 14 Jul 2026 02:02:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Jul 2026 02:04:35 PM (IST)
भोजशाला मामले की रोजाना सुनवाई करने और विवाद सुलझाने के लिए तैयार, दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

HighLights

  1. शीर्ष कोर्ट ने कहा- हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा
  2. कोर्ट का आदेश और राज्य की लाचारी पर भी ध्यान दिया जा रहा
  3. पहली बार है जब अंतरिम व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा हमारे सामने आ रहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भोजशाला एक संवेदनशील मामला है। इसलिए हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से धैर्य रखने को कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह इस मामले की रोजाना सुनवाई करने और इसे सुलझाने के लिए तैयार है।

सुप्रीम कोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली कई अपीलों पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कहा गया था कि धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।

हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने कहा कि इस्तेमाल किए जाने वाले हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा। 'ये बहुत संवेदनशील मामले हैं। कोर्ट में जो कहा जा रहा है, उससे बेवजह विवाद पैदा हो सकता है या गलत संदेश जा सकता है।


हमें इस्तेमाल किए जाने वाले हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा। यह पहली बार है जब अंतरिम व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा हमारे सामने आ रहा है।'

कोर्ट का आदेश और राज्य की लाचारी पर भी ध्यान

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य की लाचारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हमारी राय है कि अभी जो भी व्यवस्था लागू है, उसके साथ ही मामले को 10 से 15 दिनों के भीतर किसी उपयुक्त बेंच के सामने लिस्ट किया जा सकता है।

याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की जरूरत

इससे पहले सोमवार को मुस्लिम अपीलकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट हुजेफा अहमदी और एडवोकेट निजाम पाशा ने बेंच से आग्रह किया था कि इन याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश ने अपीलकर्ताओं के वकीलों से याचिकाओं में मौजूद कमियों को दूर करने को कहा था और उन्हें भरोसा दिलाया था कि जल्द ही किसी बेंच के सामने सुनवाई के लिए इन्हें लिस्ट किया जाएगा।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ये फैसला सुनाया था

15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि धार जिले में विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है। साथ ही, कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) के दशकों पुराने उस आदेश को भी रद कर दिया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय को उस जगह पर शुक्रवार की नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी।

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