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पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार

शीर्ष अदालत ने कहा कि बघेल को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने अपनी सभी दलीलें रखने की छूट होगी।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 06:07:21 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 06:08:16 PM (IST)
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार

HighLights

  1. हाई कोर्ट के चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने अपनी सभी दलीलें रखने की छूट होगी
  2. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 15 जून के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई थी
  3. शीर्ष अदालत की बेंच ने कहा कि बघेल के पास बचाव के लिए ठोस तर्क थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें 2023 में पाटन विधानसभा सीट से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से मना कर दिया गया था।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि बघेल को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने अपनी सभी दलीलें रखने की छूट होगी।

हाई कोर्ट के 15 जून के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जायमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बघेल की उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें उन्होंने हाई कोर्ट के 15 जून के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में चुनाव याचिका को खारिज करने की उनकी अर्जी को ठुकरा दिया गया था।


उनकी अर्जी का आधार यह था कि याचिका में कार्रवाई का कोई ठोस कारण नहीं था और कानूनी जरूरतों का पालन नहीं किया गया था।

बेंच ने कहा कि बघेल के पास बचाव के लिए ठोस तर्क थे

बेंच ने कहा कि बघेल के पास बचाव के लिए ठोस तर्क थे और यह भी साफ किया कि उनकी चुनौती खारिज होने से चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने कार्यवाही के दौरान सभी मुद्दों और तर्कों को उठाने के उनके अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बघेल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि कानूनी तौर पर यह चुनाव याचिका सुनवाई के लायक नहीं थी।

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