• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

'तलाक मांगना अलग बात, पति की रोजी-रोटी छीनना सबसे बुरा...', पत्नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक मामलों में पति जिस कंपनी या विभाग में काम करता है, उसके पास शिकायतें दर्ज कराना एक गंभीर गलती है। इससे पति ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 21 Jul 2026 03:23:07 PM (IST)Updated Date: Tue, 21 Jul 2026 03:35:59 PM (IST)
'तलाक मांगना अलग बात, पति की रोजी-रोटी छीनना सबसे बुरा...', पत्नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने पति के खिलाफ पत्नी की याचिका पर जताई चिंता। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. वैवाहिक विवाद में पति की नौकरी पर वार करना गलत: सुप्रीम कोर्ट
  2. एयरफोर्स अफसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट की दोटूक टिप्पणी
  3. पत्नियों द्वारा पतियों के एम्प्लॉयर को पत्र लिखने पर कोर्ट ने जताई चिंता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पति-पत्नी के आपसी झगड़ों के बीच अक्सर एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें देखने को मिलती हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रवृत्ति पर सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक मामलों में पति जिस कंपनी या विभाग में काम करता है, उसके पास शिकायतें दर्ज कराना एक गंभीर गलती है। इससे पति का रोजगार संकट में पड़ सकता है, जिसका सीधा असर पत्नी को मिलने वाले भरण-पोषण पर पड़ता है।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने एक स्थानांतरण याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की। जज नागरत्ना ने कहा कि वैवाहिक मतभेदों के चलते तलाक मांगना एक अलग बात है, लेकिन किसी की आजीविका ही छीन लेना अत्यंत अनुचित है। यदि पत्नी की शिकायतों के कारण पति अपनी नौकरी गंवा बैठता है, तो उसकी इनकम का सोर्स खत्म हो जाएगा। ऐसे में अदालत द्वारा निर्धारित किया जाने वाला मेंटेनेंस क्लेम पाना खुद पत्नी के लिए कठिन हो जाएगा।


क्या है पूरा विवाद?

बता दें कि एक महिला ने असम में दर्ज अपने खिलाफ मानहानि के मुकदमे को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थानांतरित करने की अपील की थी। महिला का कहना था कि वह पहले से ही गाजियाबाद में पति के साथ कई कानूनी लड़ाइयों में उलझी है। महिला का पति भारतीय वायु सेना (Air Force) में अधिकारी है। पत्नी ने दिल्ली स्थित वायु सेना अधिकारियों को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उसका पति नियमों का उल्लंघन कर एक स्वतंत्र बिजनेस चला रहा है।

पत्नी के वकील ने दलील दी कि उसने यह कदम तब उठाया जब पति ने उस पर और उसके भाई पर वायु सेना का हेलमेट चुराने का आरोप लगाया था। इस मानहानि केस को भी पति के सहकर्मी ने दर्ज कराया था।

यह भी पढ़ें- राजा रघुवंशी हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दिए दो ऑप्शन, 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

मध्यस्थता और कोर्ट की सलाह

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) के पास भेज दिया है। इसके साथ ही पीठ ने महिला के वकील को परामर्श दिया कि वे अपनी मुवक्किल को सभी विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करने और आरोप वापस लेने की सलाह दें।