भारत का अपना 'बुर्ज खलीफा'... गुरुग्राम में बनेगा देश का सबसे ऊंचा टावर, 10 लाख करोड़ का महाप्रोजेक्ट
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के पास एक ऐसा 'आइकॉनिक टावर' बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो मुंबई की Palais Royale (320 मीटर) को पछाड़कर भारत की सबसे ऊंची इम ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 04:06:21 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 04:06:21 PM (IST)
भारत का अपना 'बुर्ज खलीफा'HighLights
- गुरुग्राम में बनेगा भारत का सबसे ऊंचा टावर, टूटेगा पुराना रिकॉर्ड
- ₹10 लाख करोड़ के 'ग्लोबल सिटी' प्रोजेक्ट का होगा मुख्य आकर्षण
- दुबई और सिंगापुर जैसी स्काईलाइन को टक्कर देने की तैयारी
डिजिटल डेस्क। भारत अब दुबई के बुर्ज खलीफा और सिंगापुर की स्काईलाइन को टक्कर देने की तैयारी में है। हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के पास एक ऐसा 'आइकॉनिक टावर' बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो मुंबई की Palais Royale (320 मीटर) को पछाड़कर भारत की सबसे ऊंची इमारत बनेगा।
कहां बनेगा यह मेगा स्ट्रक्चर?
यह गगनचुंबी इमारत हरियाणा सरकार के 'ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट' का हिस्सा होगी।
- लोकेशन: द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे, गुरुग्राम।
- क्षेत्रफल: 1,000 एकड़ में फैला एक आधुनिक शहरी केंद्र।
- प्रोजेक्ट स्टेटस: कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, यह फिलहाल प्रपोजल और बिडिंग (निविदा) चरण में है।
₹10 लाख करोड़ का निवेश और ग्लोबल विजन
इस पूरे ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसका उद्देश्य केवल ऊंची इमारत बनाना नहीं, बल्कि हरियाणा को एक वैश्विक आर्थिक केंद्र (Global Economic Hub) के रूप में स्थापित करना है।
इस टावर में क्या-क्या होगा?
- प्रीमियम ऑफिस स्पेस: अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्यालय।
- हॉस्पिटैलिटी: लग्जरी होटल और विश्व स्तरीय सुविधाएं।
- ऑब्जर्वेशन डेक: शहर का नजारा देखने के लिए एक ऊंचा सार्वजनिक मंच।
- पब्लिक स्पेस: रिटेल और मनोरंजन के केंद्र।
भविष्य का आधुनिक शहर (Smart Infrastructure)
यह प्रोजेक्ट केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है...
- आबादी: यहां 1.8 लाख स्थायी निवासी और 5.2 लाख फ्लोटिंग आबादी (आने-जाने वाले लोग) के रहने/काम करने की क्षमता होगी।
- कनेक्टिविटी: लाइट रैपिड ट्रांजिट (LRT), इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट।
- ईको-फ्रेंडली: पैदल चलने वालों के लिए विशेष रास्ते और डेडिकेटेड साइकिलिंग ट्रैक।
- निष्कर्ष: यदि यह प्रोजेक्ट हकीकत बनता है, तो दिल्ली-NCR की पहचान पूरी दुनिया में बदल जाएगी और यह दुबई या सिंगापुर जैसे वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा होगा।
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