तमिलनाडु के मंत्री के बिगड़े बोल, कहा- 'उत्तर भारतीय सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए यहां आकर बेचते हैं पानी-पूरी'
तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम के एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। उत्तर भारतीयों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने भाषा नीति की बहस को ए ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 02:51:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 02:51:36 PM (IST)
तमिलनाडु के मंत्री के बिगड़े बोल डिजिटल डेस्क। तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम के एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। उत्तर भारतीयों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने भाषा नीति की बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। मंत्री ने कहा कि उत्तर भारत के लोग केवल हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिल पातीं और वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं।
मंत्री ने इसके उलट राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) का जिक्र करते हुए कहा कि इसी वजह से यहां के बच्चे बेहतर अंग्रेजी सीख पाते हैं और विदेशों में जाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विधानसभा चुनाव कुछ ही हफ्तों दूर बताए जा रहे हैं और दो-भाषा बनाम तीन-भाषा की पुरानी बहस फिर गरमा गई है।
टिप्पणी पार्टी कार्यक्रम के दौरान की
यह टिप्पणी चेंगलपट्टू जिले में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान की गई। मंत्री ने कहा कि उत्तर के लोग यहां आकर टेबल साफ करने, निर्माण कार्य में मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने का काम करते हैं, क्योंकि उन्होंने केवल हिंदी सीखी है। वहीं, तमिलनाडु की भाषा नीति के कारण राज्य के बच्चे विदेशों में जाकर अमेरिका और लंदन जैसी जगहों पर अच्छा कमा रहे हैं।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेता बार-बार प्रवासी मजदूरों, खासकर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषी लोगों को निशाना बना रहे हैं।
बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री ने उत्तर भारतीयों को “टेबल क्लीनर और पानी पूरी सेलर” कहकर उनका मजाक उड़ाया है। उन्होंने लिखा कि आज के भारत में हर राज्य के लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे हैं और कोई भी काम छोटा नहीं होता। भाजपा ने डीएमके पर समाज में विभाजन फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर भारतीयों को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
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